अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल-आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिव्यांग बच्चों को मिली लाइव काउंसलिंग,हर 15 दिन होगी विशेष गतिविधियां

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के हित में एक सराहनीय और संवेदनशील पहल को मूर्त रूप

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग पौड़ी ने दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के हित में एक सराहनीय और संवेदनशील पहल को मूर्त रूप दिया। जनपद के सभी विकासखंडों में तैनात आरबीएसके टीमों ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में जाकर ऐसे बच्चों तथा उनके अभिभावकों को डीईआईसी,कोरोनेशन देहरादून द्वारा प्रदान की जा रही लाइव काउंसलिंग से जोड़ा। इस काउंसलिंग के माध्यम से बच्चों की आवश्यकताओं,देखभाल,विशेष शिक्षण तकनीकों और स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। दिव्यांगता से जुड़े पहलुओं को सरल भाषा में समझाते हुए टीमों ने अभिभावकों को यह विश्वास भी दिलाया कि नियमित मार्गदर्शन से बच्चों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। वृहद स्तर पर आयोजित हुई जागरूकता गतिविधियां,आरबीएसके टीमों द्वारा जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में विशेष सत्र आयोजित किए गए,जिनमें बच्चों के शारीरिक विकास,मानसिक संतुलन,बुद्धिमत्ता वृद्धि,और दैनिक जीवन कौशल सुधार से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। टीमों ने अभिभावकों को बताया कि समय पर पहचान,सही देखभाल और निरंतर मार्गदर्शन से ये बच्चे समाज में आत्मविश्वास के साथ एक सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। रीजनल आरबीएसके प्रबंधक निम्मी कुकरेती ने जानकारी दी कि दिव्यांग अथवा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए विभाग अब एक नियमित योजना पर कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक 15 दिनों में इन बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी,अभिभावकों के लिए निरंतर काउंसलिंग सत्र संचालित होंगे,बच्चों की प्रगति पर निगरानी और फॉलोअप नियमित रूप से किया जाएगा,यह सुव्यवस्थित प्रयास बच्चों में व्यवहारिक,मानसिक तथा शैक्षणिक सुधार लाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल डॉ.एस.एम.शुक्ला ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने में निरंतर जानकारी और काउंसलिंग की प्रभावी भूमिका होती है। उन्होंने कहा इन बच्चों को समाज में एक सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। अभिभावकों के सहयोग और नियमित देखभाल से इनके जीवन में अवश्य ही सकारात्मक बदलाव आएगा। सीएमओ ने अभिभावकों और बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह पहल जनपद में दिव्यांगता जागरूकता के स्तर को और मजबूत बनाएगी।

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