
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंडियाल में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर एक जन-जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिकित्साधिकारियों ने लोगों को सर्पदंश से बचाव,लक्षणों की पहचान और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। गोष्ठी को संबोधित करते हुए चिकित्साधिकारी डॉ.अजय सैनी ने कहा कि प्रति वर्ष बढ़ते सर्पदंश के मामलों को देखते हुए अब जागरूकता की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप काटने पर डरना या घबराना नहीं चाहिए,क्योंकि यदि समय पर चिकित्सीय उपचार मिल जाए तो रोगी को आसानी से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक जैसी परंपरागत और अवैज्ञानिक पद्धतियों से दूर रहना चाहिए। डॉ.सैनी ने एंटी स्नेक वेनम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दवा सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध है और सर्पदंश के प्रभावी उपचार में प्रयोग की जाती है। डॉ.सैनी ने बताया कि सर्पदंश के प्रमुख लक्षणों में काटने की जगह पर दो दांतों के निशान,हाथ-पांव सुन्न होना,तीव्र दर्द,मतली-वमन,सांस लेने में कठिनाई,अधिक पसीना आना और घाव पर लालिमा शामिल हैं। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि घाव को बर्फ या पानी से नहीं धोना चाहिए,दबाव बनाकर खून रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए,घाव को चाकू से काटना या मुंह से जहर चूसने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपाय लाभकारी नहीं होते,बल्कि स्थिति और बिगाड़ सकते हैं। इसलिए यदि किसी को सांप काटे तो उसे तुरंत नजदीकी चिकित्सालय ले जाना चाहिए। डॉ.सैनी ने बताया कि लगभग 85 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। फिर भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें,ईंट-पत्थर और लकड़ी के ढेर न लगाएं तथा चूहों के बिलों को बंद करें,ताकि सांपों के लिए छिपने का स्थान न बने। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश दिवस पर जनपद के सभी ब्लॉकों में जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अब तक जिले में सर्पदंश के 41 केस सामने आए,जिनमें समय पर उपचार मिलने से सभी लोग स्वस्थ हो गए। डॉ.शुक्ला ने कहा कि सर्पदंश से बचाव और उपचार संबंधी जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसके तहत 21 सितंबर 2025 तक जनपद के सभी सामुदायिक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गोष्ठी में डॉ.मीनाक्षी,ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक शरद रौतेला,तूलिका पंत,मीनू राणा,पंकज शाह सहित स्वास्थ्यकर्मी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार की जन-जागरूकता गतिविधियां ग्रामीण अंचलों के लिए जीवन रक्षक साबित होंगी।