
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल में भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई छेड़छाड़ और अनादर की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। यह घटना केवल एक महापुरुष का अपमान नहीं,बल्कि सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा प्रहार मानी जा रही है। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों,सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने एक स्वर में इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। जनमानस का स्पष्ट कहना है कि बाबा साहेब जैसे महान विचारक और संविधान निर्माता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण को लेकर कोतवाली श्रीनगर में दबाव बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कोतवाली प्रभारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ करने वाले शरारती तत्वों की शीघ्र पहचान कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए,ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की दुस्साहसिक हरकत करने का साहस न कर सके। इसके साथ ही नागरिकों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि शहर के प्रमुख स्थलों,पार्कों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने,नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने और निगरानी तंत्र को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया। ज्ञात हो कि इस प्रतिमा का निर्माण क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से कराया गया था,जिसके चलते इस घटना की संवेदनशीलता और भी बढ़ गई है। ऐसे में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई लोगों ने इस घटना के पीछे किसी संगठित साजिश की आशंका जताते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है। हालांकि जानकारों का मानना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़नी चाहिए,ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके और किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। जनता की एकजुट आवाज अब प्रशासन के सामने साफ संदेश दे रही है-इस मामले में जल्द और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सामूहिक रूप से खड़े होना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस दौरान श्रीनगर भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,श्रीनगर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल,आईटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ,नरीलाल नवैद सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने कोतवाली प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। अब यह मामला प्रशासन और पुलिस के लिए एक कसौटी बन चुका है। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और कब तक दोषियों को बेनकाब कर कानून के शिकंजे में लाया जाता है।