
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर न्याय तक समान और सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल तथा जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम के निर्देशन में मेथोडिस्ट चर्च,पौड़ी में सम्पन्न हुआ। शिविर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों,निःशुल्क विधिक सहायता योजना,विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने सरल भाषा में समझाया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या के समाधान हेतु जरूरतमंद व्यक्ति किस प्रकार विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं,बच्चों,वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के अधिकारों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि विधिक जागरूकता ही सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार है और कानून की जानकारी से ही व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। सभी वक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह को यह संदेश दिया कि किसी भी प्रकार के शोषण,अन्याय अथवा विधिक समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःसंकोच संपर्क करें और निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाएं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के अल्पसंख्यक एवं वंचित वर्गों को विधिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें न्याय तक सरल,सुलभ और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना रहा। इस अवसर पर पादरी हरीश कुमार,डिप्टी लीगल डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार सहित अधिकार मित्र मनोज पाल,यशोदा,अमीषा एवं स्नेहा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के शिविरों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की।