अस्पताल की संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई-प्रशासन ने दिखाई सख्ती

गबर सिंह भण्डारी हिमालय टाइम्स श्रीनगर गढ़वाल। बेस अस्पताल श्रीनगर में एक बार फिर असामाजिक तत्वों की हरकतों ने अस्पताल प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है। गायनी वार्ड में

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गबर सिंह भण्डारी हिमालय टाइम्स

श्रीनगर गढ़वाल। बेस अस्पताल श्रीनगर में एक बार फिर असामाजिक तत्वों की हरकतों ने अस्पताल प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है। गायनी वार्ड में मरीजों की सुविधा और मच्छरों से बचाव के उद्देश्य से लगाई गई खिड़कियों की जालियां कुछ तीमारदारों द्वारा उखाड़ दी गईं। बताया गया है कि कुछ लोग तंबाकू चबाने के बाद खिड़की से बाहर पीक फेंकने के लिए जालियां हटाते हैं,जिससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था और संक्रमण नियंत्रण दोनों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा के लिए इन जालियों को विशेष रूप से लगाया था,ताकि मच्छरों का प्रकोप रोका जा सके और वार्डों के आसपास का वातावरण स्वच्छ बना रहे। लेकिन इस तरह की लापरवाही और तोड़फोड़ न केवल असंवेदनशीलता को दर्शाती है,बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति के साथ छेड़छाड़ की श्रेणी में भी आती है। मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल जनता की सेवा के लिए हैं,इसलिए इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी हम सबकी है। यदि हम अस्पताल को अपना समझेंगे,तभी स्वच्छता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो पाएंगी। उन्होंने नागरिकों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण केवल मरीजों ही नहीं,बल्कि उनके साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए भी स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार है। डॉ.सयाना ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रशासन अब ऐसी घटनाओं को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल परिसर में तंबाकू सेवन,गंदगी फैलाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए। वहीं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश रावत ने बताया कि सभी वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी मॉनिटरिंग को और सुदृढ़ किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की लगातार निगरानी की जाएगी,ताकि कोई भी व्यक्ति अस्पताल की स्वच्छता या संपत्ति को नुकसान न पहुंचा सके। वार्ड इंचार्ज और सुरक्षा कर्मियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ.रावत ने आगे कहा कि अस्पताल की स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। सरकार मरीजों की सुविधा के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है,लेकिन यदि जनता ही उनकी सुरक्षा में सहयोग नहीं करेगी तो व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इसलिए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अस्पताल की संपत्ति को सुरक्षित रखें और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। अस्पताल प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आगे से यदि किसी को गंदगी फैलाते या अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बेस अस्पताल श्रीनगर में यह कदम न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि सरकारी संपत्ति जनता की ही है और उसकी सुरक्षा,सम्मान व स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। अस्पताल को अपना समझें-क्योंकि स्वच्छता ही स्वास्थ्य की पहली दवा है।

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