आबादी बढ़ी सुविधाएं ठहरी-श्रीनगर में गैस एजेंसियों की कमी से जनता त्रस्त

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और विस्तृत होते भौगोलिक दायरे के बीच अब रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधा की स्थिति गंभीर सवालों के घेरे

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और विस्तृत होते भौगोलिक दायरे के बीच अब रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधा की स्थिति गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 38 हजार की आबादी वाले इस नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी जनसंख्या भी गैस आपूर्ति के लिए श्रीनगर पर निर्भर है,जिससे मौजूदा व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बन गया है। खिर्सू,कोट,टिहरी के बढीयारगढ़,सिल्काखाल,चौरास,भरपूर पट्टी,कीर्तिनगर और देवप्रयाग जैसे क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ता गैस सेवाओं के लिए श्रीनगर का रुख करते हैं। लेकिन इतने बड़े क्षेत्र को संभालने के लिए यहां मात्र दो गैस एजेंसियां-गढ़वाल मंडल विकास निगम और अलकनंदा गैस एजेंसी ही संचालित हो रही हैं। सीमित संसाधनों और बढ़ती मांग के चलते उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है,जिससे आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि श्रीकोट क्षेत्र में नई गैस एजेंसी की स्थापना समय की जरूरत बन चुकी है। मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के कारण यहां आबादी और आवाजाही अधिक रहती है। साथ ही धारी देवी क्षेत्र,भटीसेरा और बच्छणस्यूं जैसे इलाकों के लोग भी श्रीकोट से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यहां गैस एजेंसी खुलने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और श्रीनगर मुख्यालय पर दबाव भी कम होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनसंख्या और क्षेत्रीय विस्तार को देखते हुए कम से कम एक या दो नई गैस एजेंसियों को स्वीकृति दी जाए। इससे जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी,वहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस मुद्दे पर श्रीकोट व्यापार सभा के अध्यक्ष नरेश नौटियाल ने कहा कि बढ़ती आबादी के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार न होना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि गैस जैसी आवश्यक सेवा में सुधार बेहद जरूरी है,ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इस अवसर पर श्रीकोट व्यापार सभा के महासचिव त्रिभुवन राणा,शशिकान्त घिल्डियाल,विजय प्रकाश त्रिवेदी,सह सचिव संतोष बुटोला,आशुतोष पोखरियाल,भागवत पाण्डेय,अर्जुन रावत,विनोद लिंगवाल,चंद्रभूषण सेमवाल और प्रदीप रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अब फैसले का इंतजार श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक,स्वास्थ्य और प्रशासनिक केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ होना बेहद आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग जनता की इस जायज मांग पर कब तक सकारात्मक निर्णय लेता है।

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