आस्था के साथ सतकर्ता अनिवार्य-चारधाम मार्गों पर पुलिस का सख्त पहरा,जोखिम भरे इलाकों से दूर रहने की अपील

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। आस्था के महापर्व चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच जनपद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। यात्रियों की सुरक्षा,सुविधा

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। आस्था के महापर्व चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच जनपद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। यात्रियों की सुरक्षा,सुविधा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पौड़ी पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में यात्रा मार्गों, प्रमुख पड़ाव स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है,ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा न केवल सुरक्षित बल्कि सुगम भी बनी रहे। विशेष रूप से श्रीनगर,श्रीकोट,कल्यासौड़,कीर्तिनगर और देवप्रयाग संगम जैसे नदी तटीय क्षेत्रों में पुलिस की सख्ती साफ देखने को मिल रही है। इन स्थानों पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव,तेज बहाव और फिसलन के चलते दुर्घटना की आशंका को देखते हुए खतरनाक व प्रतिबंधित क्षेत्रों को चिन्हित कर बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही चेतावनी संकेतक भी लगाए गए हैं,ताकि श्रद्धालु सतर्क रहें। पुलिस बल द्वारा इन क्षेत्रों में लगातार गश्त कर लोगों को प्रतिबंधित स्थानों पर जाने से रोका जा रहा है और केवल निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है,इसलिए सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपेक्षा की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए जल पुलिस और आपदा राहत टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस ये टीमें हर समय मुस्तैद रहते हुए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रद्धा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें,अनावश्यक जोखिम न लें और अपनी यात्रा को सुरक्षित एवं सुखद बनाएं। पुलिस की सख्त निगरानी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है,जो श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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