इन्कस्पायर पहल बनी शिक्षा की नई रोशनी-दुरस्थ विद्यालयों के बच्चों को मिला संबल और आत्मविश्वास

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने और विद्यार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में इन्कस्पायर पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने और विद्यार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में इन्कस्पायर पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही है। चौरखाल क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से छबी सेवा फाउंडेशन एवं मोन इंडिजिनस कल्चर एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा अपने प्रमुख प्रोजेक्ट इन्कस्पायर के द्वितीय चरण के अंतर्गत व्यापक स्तर पर शैक्षिक सामग्री का वितरण किया गया। इस सराहनीय पहल के तहत प्राथमिक विद्यालय चौरखाल,पोखरीखेत,गढ़मोनू तथा उडाल्ट के विद्यार्थियों को कॉपियां,पेन,पेंसिल,रबर,ड्राइंग सामग्री सहित अन्य आवश्यक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए गए। इन संसाधनों के माध्यम से न केवल बच्चों की पढ़ाई को सहज और रोचक बनाया गया,बल्कि उनके भीतर सीखने की नई उत्सुकता और आत्मविश्वास का संचार भी हुआ। विशेष बात यह है कि इन्कस्पायर परियोजना का प्रथम चरण शैक्षणिक सत्र 2024-25 में भी अत्यंत सफल रहा था,जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न शिक्षण सहायक सामग्री प्रदान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का सशक्त प्रयास किया गया था। दूसरे चरण की यह पहल उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए और अधिक व्यापक रूप में सामने आई है,जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत देती है। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वयन प्राथमिक विद्यालय चौरखाल के समर्पित शिक्षक डॉ.अतुल बमराड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनकी सक्रिय भूमिका और प्रतिबद्धता ने इस पहल को जमीन पर सफलतापूर्वक उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर प्रोजेक्ट लीड पार्था रॉय,छबी सेवा फाउंडेशन के निदेशक डॉ.विश्वनाथ गर्गोटे,अध्यक्ष राहुल पठारे तथा मोन इंडिजिनस कल्चर एंड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष खांडू थुंगोन का उल्लेखनीय सहयोग रहा। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहल न केवल संसाधनों की कमी को दूर करती हैं,बल्कि बच्चों के भीतर बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मबल भी पैदा करती हैं। स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने इसे ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इन्कस्पायर जैसी पहलें उन बच्चों के जीवन में नई रोशनी लेकर आ रही हैं,जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने संजोए हुए हैं। यह प्रयास न केवल शिक्षा को सुलभ बना रहा है,बल्कि आने वाले समय में समाज के लिए एक सशक्त और जागरूक पीढ़ी तैयार करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

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