
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में डॉ.अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधि केंद्र में सम्पन्न हुआ। संविधान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल बौद्धिक वैचारिकी का मंच बना,बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल आत्मा-संविधान-की जीवटता और व्यापकता को समझने का भी अवसर प्रदान करता रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह,मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा विभागाध्यक्ष एवं डीन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर ओ.पी.गुसाई तथा कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ विद्वान प्रोफेसर एम.एम.सेमवाल मंचासीन रहे। परंपरागत दीप प्रज्वलन से आरम्भ हुए इस कार्यक्रम में संविधान के मूल्यों और भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को एक नई व्याख्या प्रदान की गई। मुख्य वक्ता प्रो.संजीव कुमार शर्मा ने भारतीय संविधान की सर्वोच्चता विषय पर अपना विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे श्रेष्ठ,सर्वाधिक विस्तृत और सर्वाधिक समय-सापेक्ष संविधान है, जो एक जीवंत और सतत विकसित होने वाला ग्रंथ है। उन्होंने संविधान सभा की गौरवशाली यात्रा,1951 के प्रथम संशोधन तथा 76 वर्षों में संविधान की मजबूती और विश्वसनीयता पर गहन विमर्श किया। दक्षिण एशिया के कई देशों और लैटिन अमेरिका-अफ्रीका के लोकतांत्रिक अस्थिर परिवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को जिस मजबूती से कायम रखा है,वह विश्व समुदाय के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने निर्वाचन आयोग,वोट बैंक राजनीति,आपराधिकरण,विधिक निर्भरता और नागरिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी प्रतिभावान विश्लेषण प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने संविधान दिवस को संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त करने का पावन अवसर बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत की परंपरा का मूल तत्व है,जिसके उद्गम हमें महाभारत,रामायण और अभिज्ञान शाकुंतलम् जैसे साहित्यिक और ऐतिहासिक स्रोतों में मिलते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि अधिकार और कर्तव्य दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों का समान बोध ही सशक्त नागरिक का निर्माण करता है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाई ने कहा कि संविधान जहां हमें अधिकार प्रदान करता है,वहीं वह हमें कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा भी देता है। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब इंडियन पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन (इप्सा) के महासचिव प्रो.संजीव कुमार शर्मा तथा कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की उपस्थिति में इप्सा और एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के बीच एक अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भविष्य में शोध,शैक्षणिक गतिविधियों और ज्ञान-विनिमय को एक नई दिशा देगा। कार्यक्रम का समापन डॉ.राकेश नेगी द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इसके बाद सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रगान गायन कर संविधान दिवस के इस गरिमामय आयोजन को पूर्णता प्रदान की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,संकाय सदस्य,शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम का संचालन विदुषी डोभाल ने अत्यंत सौंदर्यपूर्ण,संयमित और प्रभावी शैली में किया। यह संविधान दिवस कार्यक्रम भारतीय लोकतंत्र,संवैधानिक आदर्शों और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का भव्य प्रतीक बनकर उभरा।