एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में 7 दिसंबर को गूंजेगी शिक्षा और संस्कार की स्वरधारा ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आयोजित

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा जगत में बढ़ते तकनीकी हस्तक्षेप और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच मानवीय मूल्यों का क्षरण आज देश की एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। इसी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा जगत में बढ़ते तकनीकी हस्तक्षेप और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच मानवीय मूल्यों का क्षरण आज देश की एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। इसी महत्वपूर्ण विषय पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा 7 दिसंबर को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य विषय विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों का अभाव-शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौती,देशभर के शिक्षाविदों,विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर विचार-विमर्श का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक-अध्यात्मिक आयोजन में गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वहीं उत्तराखण्ड विधानसभाध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। सम्मेलन को गरिमा प्रदान करने के लिए अनेक विद्वान और प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे प्रो.पीवीबी सुब्रमण्यम निदेशक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर विशिष्ट अतिथि,राजयोगी ब्रह्माकुमार भ्राता मेहरचंद-आशीर्वचन,सुमन बहन-मुख्य वक्ता,डॉ.बीके पुनीत हिमाचल की आवाज विशिष्ट प्रस्तुति,इन सभी की विद्वत्तापूर्ण भागीदारी से सम्मेलन में शिक्षा के मानवीय आयामों पर गहन विमर्श की अपेक्षा है। अहमदाबाद से पहुंची ब्रह्माकुमारी बीके ममता शर्मा ने बताया कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि शिक्षा में मूल्य-आधारित दृष्टिकोण को पुनर्स्थापित करने का राष्ट्रव्यापी प्रयास है। उन्होंने कहा यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस परिकल्पना को आगे बढ़ाता है,जिसमें समग्र शिक्षा,चरित्र निर्माण,आंतरिक विकास और सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखा गया है। बी.के.ममता ने यह भी जानकारी दी कि इस सम्मेलन के बाद 24 से 28 अप्रैल तक माउंट आबू में शिक्षा पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित की जाएगी,जिसमें देशभर से आने वाले शिक्षाविद और शोधकर्ता सहभागी होंगे। यह सम्मेलन वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों-नैतिक मूल्यों में गिरावट,विद्यार्थियों में अनुशासन और संवेदनशीलता का अभाव,मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा,सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों से दूरी जैसे मुद्दों पर ठोस संवाद और समाधान खोजने का अवसर प्रदान करेगा। इन सबके बीच ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा मानवीय मूल्यों के संवर्धन और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में किया जा रहा यह प्रयास पूरे अकादमिक जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। सम्मेलन को लेकर बिड़ला परिसर में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों,विद्यार्थियों,शोधार्थियों और आमजन में इस विशिष्ट आयोजन को लेकर विशेष रुचि देखी जा रही है। सभी की आशा है कि यह सम्मेलन शिक्षा के भविष्य को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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