
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध उपलब्धियों की दिशा में एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय के औषधि विज्ञान विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ.गौरव जोशी का चयन भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी की प्रतिष्ठित सदस्यता के लिए पांच वर्षों की अवधि हेतु किया गया है। यह चयन न केवल डॉ.जोशी की व्यक्तिगत उपलब्धि है,बल्कि गढ़वाल विश्वविद्यालय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का विषय है। डॉ.गौरव जोशी ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी की सदस्यता चयन प्रक्रिया अत्यंत कठोर और प्रतिस्पर्धी रही,जिसमें चयन दर मात्र लगभग पांच प्रतिशत रही। इस प्रक्रिया में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों,केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों,राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से संबद्ध अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल रहे। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय उन चुनिंदा नौ संस्थानों में शामिल हुआ है,जिन्हें इस वर्ष पहली बार भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी में प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और अनुसंधान क्षमता को राष्ट्रीय पहचान मिली है। डॉ.गौरव जोशी एक औषधीय रसायन वैज्ञानिक हैं और औषधि खोज के क्षेत्र में सक्रिय रूप से अनुसंधान कर रहे हैं। उनका शोध मुख्य रूप से कैंसररोधी एवं सूजनरोधी उपचारों के विकास पर केंद्रित है,जो भविष्य में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह सहित समस्त शिक्षकगण,अधिकारी,कर्मचारी एवं शोधार्थियों ने डॉ.गौरव जोशी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय समुदाय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि आने वाले समय में गढ़वाल विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी शोध संस्थानों की पंक्ति में और सुदृढ़ करेगी।