एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक महाकुंभ का भव्य समापन-कव्वाली और लोकनृत्य ने बांधा समां

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-महाविद्यालयी सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महोत्सव-2026 का समापन दिन रंगारंग प्रस्तुतियों,ऊर्जा और युवा जोश के साथ अत्यंत भव्य रूप में संपन्न

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर-महाविद्यालयी सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महोत्सव-2026 का समापन दिन रंगारंग प्रस्तुतियों,ऊर्जा और युवा जोश के साथ अत्यंत भव्य रूप में संपन्न हुआ। मौसम की बेरुखी और मूसलाधार बारिश भी छात्रों के उत्साह को डिगा नहीं सकी,बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। बारिश के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी प्रतियोगिताओं के स्थलों में परिवर्तन कर उन्हें सीनेट सभागार और एसीएल सभागार में आयोजित कराया। इस व्यवस्थित प्रबंधन के कारण कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कव्वाली की गूंज और लोकनृत्य की छटा ने मोहा मन एसीएल सभागार में अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण रहा कव्वाली का शानदार मुकाबला,जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति से वातावरण को सूफियाना रंग में रंग दिया। इसके साथ ही शास्त्रीय नृत्य की गरिमामयी प्रस्तुतियों ने कला की उच्च परंपरा को जीवंत किया। उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति को दर्शाते लोकनृत्यों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने पारंपरिक वेशभूषा और जीवंत प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सीनेट सभागार में आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्रों ने मीमिक्री और माइम के जरिए समसामयिक मुद्दों पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया,बल्कि सामाजिक सरोकारों को भी प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विनोद कंडारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी इसी परिसर से हुई थी। उन्होंने वर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों को मंच पर आमंत्रित करते हुए युवाओं को संदेश दिया कि राजनीति का आधार सेवा,सकारात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में अपने गुरुओं का सम्मान करना सफलता की कुंजी है और उनके मार्गदर्शन के बिना ऊंचाइयों तक पहुंचना संभव नहीं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों,अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं और विभिन्न महाविद्यालयों के बीच आपसी समन्वय को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर प्रो.एच.बी.एस.चौहान,प्रो.मोहन सिंह पंवार,प्रो.दीपक कुमार,प्रो.अतुल ध्यानी,प्रो.राकेश कुंवर,प्रो.अरुण रावत सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक,कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। युवा ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन समापन दिवस ने यह साबित कर दिया कि विपरीत परिस्थितियां भी युवा उत्साह को कम नहीं कर सकतीं। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय का यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बना,बल्कि युवाओं की प्रतिभा,ऊर्जा और रचनात्मकता का भी भव्य उत्सव साबित हुआ।

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