
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में प्रोफेसर कमला चौहान की सेवानिवृत्ति के उपरांत विभागाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डॉ.विश्वेश वाग्मी को सौंपी गई है। डॉ.वाग्मी भारतीय ज्ञान परंपरा के गहन अध्येता एवं भारतीय दर्शन,विशेष रूप से न्याय-वैशेषिक दर्शन के कुशल मर्मज्ञ के रूप में सुविख्यात हैं। उनकी यह नियुक्ति संस्कृत विभाग के लिए न केवल गौरव का विषय है,बल्कि विभागीय शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा देने वाली भी सिद्ध होगी। डॉ.वाग्मी ने अपनी दीर्घ शैक्षणिक यात्रा के दौरान भारतीय दर्शन,न्यायशास्त्र एवं वैदिक परंपरा पर अनेक शोध-पत्र और लेख प्रस्तुत किए हैं। वे विद्यार्थियों में पारंपरिक संस्कृत अध्ययन के साथ-साथ आधुनिक संदर्भों में उसके प्रयोग की चेतना विकसित करने के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि भारतीय दर्शन केवल शास्त्र नहीं,बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरक शक्ति है। संस्कृत विभाग में उनके विभागाध्यक्ष बनने से शिक्षकों और विद्यार्थियों में हर्ष की लहर है। सभी का विश्वास है कि उनके नेतृत्व में विभाग अध्यापन,अनुसंधान और शास्त्रीय विमर्श के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने डॉ.वाग्मी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और विद्वत्ता से संस्कृत विभाग निश्चित रूप से समृद्ध होगा। संकायाध्यक्ष प्रोफेसर मंजुला राणा ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि डॉ.वाग्मी का योगदान विभाग को शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से नई दिशा देगा। बधाई देने वालों में डॉ.अनूप सेमवाल,डॉ.कपिल पंवार,डॉ.प्रीति,डॉ.बालकृष्ण बधानी सहित विभाग के सभी शिक्षक,शोधार्थी और छात्र-छात्राएं शामिल रहे। सभी ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में संस्कृत विभाग पुनः अपने स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर होगा।