एनआईटी उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय केदार-2025 सम्मेलन का शुभारंभ और सफल समापन

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर एनआईटी उत्तराखंड के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग विभाग और स्प्रियर सिंगापुर के संयुक्त सहयोग से अंतरराष्ट्रीय केदार 2025 सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह दो

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गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर एनआईटी उत्तराखंड के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग विभाग और स्प्रियर सिंगापुर के संयुक्त सहयोग से अंतरराष्ट्रीय केदार 2025 सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय सम्मेलन 5 और 6 सितंबर को आयोजित किया गया,जिसमें वीएलएसएल और आरएफ डिजाइन में ज्ञान आधारित दृष्टिकोण पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विशेष अतिथि प्रो.एन.एस.पंवार एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर और प्रो.एम.एम.शर्मा (एमएनआईटी जयपुर) को ग्रेट ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त संस्थान की ओर से हरीमौल आजाद, डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी, प्रो.विमल शर्मा और प्रो.विवेक श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया। डॉ.विवेक कुमार ऑर्गेनाइजिंग चेयर पर्सन ने सम्मेलन का औपचारिक परिचय प्रस्तुत किया। इसके बाद डॉ.हरीहरन मधुसामी,डॉ.जयवर्धन और डॉ.रोहित कुमार ने विशिष्ट अतिथियों का परिचय कराया। कार्यक्रम के अंत में डॉ.हिमेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। मुख्य अतिथि एवं संरक्षक प्रो.के.के.शुक्ल (निर्देशक एनआईटी उत्तराखंड) ने उद्घाटन संबोधन में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया और विभागाध्यक्ष डॉ.स्मृथ कुमार तडेपलूनी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भविष्य के अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देगा। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण यह सम्मेलन,जो मूल रूप से ऑफलाइन मोड में होना था,हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया गया। इस कारण विश्वभर के शोधार्थी और विशेषज्ञ इसमें सहज रूप से शामिल हो सके। दो दिवसीय सम्मेलन में 2 मुख्य भाषण,2 विशेषज्ञ वार्ताएं,और 9 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में वीएलएसआई और आरएफ डिजाइन के क्षेत्र में नवीन शोध,नवाचार और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए नए सहयोग और तकनीकी दिशा की संभावनाओं पर बल दिया। 6 सितंबर को सम्मेलन का समापन सत्र सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञान विनिमय,नवाचार और भविष्य की शोध सहयोग के लिए एक प्रभावशाली मंच करार दिया।

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