हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल एसएसबी श्रीनगर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत 27 अक्टूबर 2026 को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं को सत्यनिष्ठा,पारदर्शिता,जवाबदेही तथा भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली के महत्व से अवगत कराना और उनके भीतर ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करना रहा। इस प्रतियोगिता में 29 वें उप निरीक्षक (सीधी भर्ती) बैच के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रशिक्षुओं को सतर्कता,नैतिक आचरण और सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी समझ को परखने तथा ज्ञानवर्धन का अवसर मिला। इस प्रकार के आयोजन न केवल प्रशिक्षणार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं,बल्कि उन्हें भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी,निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। सतर्कता जागरूकता सप्ताह का मूल उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में ईमानदारी एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देना,भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही की भावना विकसित करना है। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जैसी ज्ञानवर्धक गतिविधियां इन उद्देश्यों को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए प्रशिक्षुओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि किसी भी संगठन की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता उसके कार्मिकों की सत्यनिष्ठा,अनुशासन तथा नैतिक आचरण पर निर्भर करती है। सशस्त्र सीमा बल जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए इन मूल्यों का विशेष महत्व है। भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय निष्पक्षता,ईमानदारी और जवाबदेही के सिद्धांतों का पालन करना एक जिम्मेदार कार्मिक की पहचान है। ऐसे आयोजनों से प्रशिक्षुओं में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता तथा नियमों के अनुरूप कार्य करने की सोच विकसित करने में सहायता मिलती है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता प्रशिक्षण के साथ-साथ चरित्र निर्माण और नैतिक चेतना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को यह संदेश देना है कि सत्यनिष्ठा केवल एक आदर्श नहीं,बल्कि प्रत्येक कार्मिक के दैनिक कार्य व्यवहार का अभिन्न अंग होनी चाहिए। इस प्रकार की गतिविधियां संस्थागत कार्यसंस्कृति को मजबूत करने,भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ाने और देश की सेवा में समर्पित कार्मिकों के भीतर उच्च नैतिक आदर्श स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।