एसएसबी श्रीनगर में सत्यनिष्ठा का संकल्प-भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और समृद्ध भारत के निर्माण का दिया संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण,प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और जवाबदेही की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण,प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और जवाबदेही की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल एसएसबी श्रीनगर में बुधवार 28 अक्टूबर 2026 को सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा रखी गई है,जो व्यक्तिगत ईमानदारी,नैतिक मूल्यों और पारदर्शी कार्यसंस्कृति के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति का संदेश देती है। कार्यशाला में 20 वें प्लाटून कमांडर पाठ्यक्रम के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान सत्यनिष्ठा,ईमानदारी,पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षुओं को संदेश दिया गया कि किसी भी संस्थान की विश्वसनीयता और कार्यक्षमता उसके अधिकारियों एवं कार्मिकों की ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा तथा नैतिक आचरण पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता,निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों,कार्मिकों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों को भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा अपने दैनिक कार्यों में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली अपनाने, नियमों का पालन करने,निर्णय लेने में निष्पक्षता बनाए रखने और सार्वजनिक दायित्वों के प्रति जवाबदेह रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने इस संदेश पर बल दिया कि सत्यनिष्ठा केवल एक व्यक्तिगत गुण नहीं,बल्कि किसी भी अनुशासित संगठन की मजबूत नींव है। जब अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी दबाव,पक्षपात अथवा अनुचित प्रभाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं,तब संस्थान के प्रति जनविश्वास बढ़ता है और व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक स्तर पर ईमानदार कार्यशैली विकसित करना और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना आवश्यक है। सशस्त्र सीमा बल जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा संगठन में सत्यनिष्ठा,अनुशासन और कर्तव्यपरायणता का विशेष महत्व है। प्रशिक्षण के दौरान इन मूल्यों को आत्मसात करने से प्रशिक्षुओं को भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ करने की प्रेरणा मिलती है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थागत कार्यसंस्कृति को मजबूत करने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यशाला में कमांडेंट संजय बहादुर चंद,द्वितीय कमान अधिकारी एवं पशु चिकित्सक डॉ.विकास कुमार सिंह,उप कमांडेंट प्रभाकर सिंह शाह सहित अन्य अधिकारी,कार्मिक और प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ईमानदारी से किया गया प्रत्येक कार्य,पारदर्शिता पर आधारित प्रत्येक निर्णय और कर्तव्य के प्रति प्रत्येक सच्चा प्रयास भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था तथा समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सत्यनिष्ठा को जीवन और कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाकर ही संगठनात्मक विश्वास,सुशासन और राष्ट्रीय समृद्धि के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

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