
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए विकास खंड कल्जीखाल में बाल विकास परियोजना कार्यालय के तत्वावधान में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं के जन्म को समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने और उन्हें सम्मान देने का संदेश देते हुए कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में यह संदेश देना था कि बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम सभा दिवई की ग्राम प्रधान अनुसुया देवी उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां परिवार और समाज की शान होती हैं और उनकी शिक्षा तथा सशक्तिकरण से ही समाज का वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज का भी नाम रोशन कर रही हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम बेटियों को समान अवसर प्रदान करें और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दें। कार्यक्रम के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी सुषमा रावत ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना,बाल लिंगानुपात में सुधार लाना तथा बालिकाओं की शिक्षा,सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं,जिनका लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा,स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दें,ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। कार्यक्रम का संचालन सुपरवाइजर सुनीता तोपवाल द्वारा किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और अभिभावकों को बेटियों के महत्व,शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर कनिष्ठ सहायक महाराज सिंह रावत,गोपाल कुमार सहित परियोजना के समस्त स्टाफ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ती अरुणा,अंजू,सुनीता,पूर्णिमा,रीता तथा क्षेत्र की अनेक महिलाएं और अभिभावक उपस्थित रहे। कल्जीखाल में आयोजित यह बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम समाज को यह संदेश देता है कि बेटियों का जन्म किसी भी परिवार के लिए गौरव और खुशी का अवसर होना चाहिए। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है और लोगों को यह प्रेरणा मिलती है कि वे बेटियों को शिक्षा,सम्मान और समान अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,बल्कि एक सशक्त,शिक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में भी सार्थक कदम साबित हो रहे हैं।