
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सरकार और प्रशासन लगातार प्रयासरत हैं। नगर निगम श्रीनगर के सफाईकर्मी भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं,लेकिन खिर्सू-बुघाणी रोड पर तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोक निर्माण विभाग के आवासीय परिसर और निरीक्षण भवन (डाक बंगला) के पास कूड़े-कचरे का अंबार साफ संकेत दे रहा है कि असली समस्या सफाईकर्मियों की लापरवाही नहीं,बल्कि यहां के निवासियों की अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। नगर निगम द्वारा यहां डस्टबिन उपलब्ध कराए गए हैं। सफाई कर्मचारी समय-समय पर कूड़ा उठान भी करते हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोग कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय सड़क किनारे फेंक देते हैं। इससे कूड़ा बिखरकर पूरे इलाके में फैल जाता है। प्लास्टिक,गंदगी और सड़े-गले कचरे से उठती बदबू न केवल राहगीरों को परेशान कर रही है,बल्कि यहां रहने वाले परिवारों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रही है। विडंबना यह है कि इस इलाके में अधिकतर लोग शिक्षित हैं। सरकारी विभागों के आवासीय परिसर,लोक निर्माण विभाग का गैस्ट हाउस और आसपास रहने वाले प्रबुद्ध वर्ग से उम्मीद थी कि वे सफाई और पर्यावरण संरक्षण में मिसाल पेश करेंगे। लेकिन वास्तविकता यह है कि लापरवाही के चलते वही लोग गंदगी फैलाने में सबसे आगे हैं। स्वच्छता संदेश-कूड़ा सड़क पर मत फेंको,शहर को गंदा मत करो,कूड़ेदान का करो इस्तेमाल,तभी होगा भारत स्वच्छ और कमाल। स्वच्छता अपनाओ,बीमारियां दूर भगाओ,कचरा डस्टबिन में डालो,स्वस्थ भारत बनाओ। स्थानीय नागरिकों की चिंता क्षेत्र के कुछ जिम्मेदार नागरिकों का कहना है कि सफाई व्यवस्था में नगर निगम की ओर से कोई ढिलाई नहीं है। दोष सिर्फ उन लोगों का है जो खुद ही कूड़ा सड़क पर डालकर गंदगी फैला रहे हैं। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो यह क्षेत्र जल्द ही बीमारियों का केंद्र बन सकता है। खिर्सू-बुघाणी रोड श्रीनगर की महत्वपूर्ण सड़क है,जहां से रोजाना पर्यटक,अधिकारी और आम लोग गुजरते हैं। सड़क किनारे बिखरा कचरा न केवल बदबू फैलाता है,बल्कि श्रीनगर की छवि पर भी धब्बा लगा रहा है। नगर निगम सफाईकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं,लेकिन जब तक स्थानीय निवासी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे और कचरा डस्टबिन में डालने की आदत नहीं अपनाएंगे,तब तक स्वच्छता अभियान का सपना अधूरा ही रहेगा। असली बदलाव तभी आएगा जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को समझे और स्वच्छता को अपनी आदत बनाए।