
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खिर्सू-बुघाणी मोटर मार्ग इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के चलते लोगों के लिए गंभीर संकट का कारण बनता जा रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह मार्ग अब सुविधा नहीं,बल्कि दुर्घटना को न्योता देने वाला रास्ता बन गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और पहाड़ी से लगातार गिरता मलबा इस मार्ग की वास्तविक तस्वीर बयां कर रहे हैं। हाल ही में ली गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ है,जिससे वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता। वहीं दूसरी ओर,पहाड़ी से खिसककर आया मलबा सड़क के एक बड़े हिस्से को घेर चुका है,जिससे आवाजाही बेहद जोखिमभरी हो गई है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों के लिए यह मार्ग किसी खतरे से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) पूरी तरह से इस सड़क की अनदेखी कर रहा है। नियमित मरम्मत और रखरखाव के अभाव में सड़क दिन-ब-दिन और बदतर होती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग से क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कई बार गुजर चुके हैं,लेकिन सड़क की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क की मरम्मत नहीं की गई,तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है,जब मलबा गिरने और सड़क धंसने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जनता ने जिलाधिकारी पौड़ी,उपजिलाधिकारी श्रीनगर और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि इस मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराकर इसकी मरम्मत एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागता है,जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक खिर्सू-बुघाणी रोड यूं ही उपेक्षा का शिकार बनी रहेगी। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है,या फिर समय रहते जनहित में ठोस कदम उठाए जाएंगे-यह देखने वाली बात होगी।