गंगा संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त-एसटीपी निर्माण में तेजी के निर्देश-4 नवंबर को पौड़ी में गंगा उत्सव से गूंजेगा स्वच्छता और जन-जागरूकता का संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। गंगा नदी की स्वच्छता,निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के साथ ही जनपद में सीवेज प्रबंधन एवं ठोस अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिला

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। गंगा नदी की स्वच्छता,निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के साथ ही जनपद में सीवेज प्रबंधन एवं ठोस अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्यों में तेजी लाने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय गंगा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सीवेज प्रबंधन,नालों की टैपिंग,ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नदी-तटीय क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं में भूमि संबंधी अड़चनें अथवा अन्य तकनीकी समस्याएं आ रही हैं,उनका संबंधित विभाग आपसी समन्वय से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें,ताकि विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। बैठक के दौरान पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान पौड़ी नगर पालिका क्षेत्र में भूमि के सौंदर्यीकरण,सतपुली में भूमि से संबंधित प्रकरण,थलीसैंण में नाला टैपिंग कार्य तथा दुगड्डा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट (एमआरएफ सेंटर) की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त स्वर्गाश्रम एवं जोंक क्षेत्र में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से इन योजनाओं की वर्तमान स्थिति,अब तक की गई कार्रवाई तथा शेष कार्यों की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इनके संचालन एवं निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रगति से समिति को अवगत कराया जाए। बैठक का एक प्रमुख एजेंडा आगामी 4 नवम्बर 2026 को आयोजित होने वाले गंगा उत्सव की तैयारियां भी रहा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं नमामि गंगे उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनपद में उत्सव को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया। गंगा उत्सव के माध्यम से आमजन को गंगा नदी के धार्मिक,सांस्कृतिक,आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व से जोड़ने के साथ ही स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक करने की योजना पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत गंगा आरती,सांस्कृतिक कार्यक्रम,गंगा रन,स्वच्छता अभियान,पौधरोपण,जागरूकता रैली,संगोष्ठी,कार्यशालाएं तथा विभिन्न शैक्षिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गंगा उत्सव केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि इसके माध्यम से लोगों में नदियों के संरक्षण,स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति स्थायी जनचेतना विकसित होनी चाहिए। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों,सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। गंगा उत्सव को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं,गंगा प्रहरियों तथा गंगा विचार मंच की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें इस अभियान से जोड़ने की कार्ययोजना पर चर्चा की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गंगा उत्सव से संबंधित तैयारियों को समय रहते पूरा किया जाए तथा कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए,जिससे अधिक से अधिक लोग इस आयोजन में भागीदारी कर सकें। बैठक में एसडीओ वन विभाग आयशा बिष्ट,अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद पौड़ी संजय कुमार,एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, कनिष्ठ अभियंता जिला पंचायत राहुल तोमर सहित अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। जिला स्तरीय गंगा समिति की इस बैठक में जहां एक ओर सीवेज एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को गति देने पर जोर दिया गया,वहीं दूसरी ओर गंगा उत्सव के माध्यम से जनसहभागिता बढ़ाकर नदी संरक्षण को व्यापक अभियान बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

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