
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड खिर्सू के अंतर्गत ग्राम भटोली स्थित प्राचीन आस्था स्थल गढ़खालेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर भक्ति,संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। श्रीनगर से लगभग 12-15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पावन धाम आगामी वैषाख पूर्णिमा के अवसर पर गुरु गोरखनाथ जन्मोत्सव के भव्य आयोजन का साक्षी बनेगा। आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के महंत नरेश भारती ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 (चतुर्दशी) को नृसिंह अवतार (दुधे गुरु) एवं जिया मूला देवी जन्मोत्सव के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा,जबकि 1 मई 2026 (वैषाख पूर्णिमा) को गुरु गोरखनाथ जन्मोत्सव,श्री कूर्म जयंती एवं बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा और धूमधाम से मनाई जाएगी। पूर्व की भांति इस वर्ष भी आयोजन होगा भव्य और दिव्य महंत नरेश भारती के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्यक्रम को भव्यता और दिव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। समापन अवसर पर विशाल भण्डारे का आयोजन होगा,जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा। इस पावन अवसर पर क्षेत्र की मातृशक्ति,धर्मप्रेमी जन,नवयुवक एवं महिला मंगल दल द्वारा भजन-कीर्तन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी,जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब जाएगा। ढोल-दमाऊं और पारंपरिक लोकधुनों के साथ वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आएगा। महंत नरेश भारती ने आगे बताया कि इस वर्ष भी दूर-दराज क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु गढ़खालेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव एवं गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। आस्था,संस्कृति और सामाजिक एकता का संगम यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक समरसता,सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक भी है। स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को एक सामूहिक उत्सव का रूप देती है,जहां हर वर्ग के लोग पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। अंत में महंत नरेश भारती ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य आयोजन में सहभागिता निभाने की अपील की है। गढ़खालेश्वर धाम में इस पावन पर्व पर आइए,भक्ति,संस्कृति और एकता के अद्भुत संगम का हिस्सा बनें।