
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। डिजिटल इंडिया की दिशा में शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय द्वारा नवंबर 2023 में शुरू किया गया साथी (SATHEE) कार्यक्रम अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। आईआईटी कानपुर द्वारा डिज़ाइन किए गए इस पोर्टल पर जेईई,नीट,एसएससी सहित विभिन्न परीक्षाओं के साथ-साथ सीयूईटी की तैयारी भी पूरी तरह निशुल्क कराई जा रही है। इस मंच पर देशभर के चुनिंदा विशेषज्ञ शिक्षकों को जोड़ा गया है,ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि गढ़वाल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.कपिल पंवार का चयन देशभर से केवल दो शिक्षकों में हिंदी विषय के लिए किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ.पंवार का चयन उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण है। वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को हिंदी विषय में उच्च स्तरीय डिजिटल शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। सीयूईटी,पीजी प्रवेश परीक्षा और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए डॉ.पंवार द्वारा तैयार की गई अध्ययन सामग्री हजारों छात्रों को नई दिशा दे रही है। शिक्षा मंत्रालय के इस मंच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षा और मूल्यांकन की सुविधा प्रदान कर रहा है। यह पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के उन छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो संसाधनों की कमी के कारण अब तक गुणवत्तापूर्ण कोचिंग से वंचित रहते थे। गढ़वाल विश्वविद्यालय में 11 मार्च 2024 से हिंदी विभाग में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ.कपिल पंवार नियमित शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ डिजिटल मंच पर भी छात्रों के लिए विशेष अध्ययन सामग्री तैयार कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि छात्र हिंदी विषय की गहराई तक आसानी से पहुंच सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। डॉ.कपिल पंवार ने कहा मेरा प्रयास है कि पहाड़ के छात्रों तक भी वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे,जो बड़े शहरों में उपलब्ध है। डिजिटल मंच इस अंतर को मिटाने का माध्यम बन सकता है। हिंदी विषय को सरल और सहज तरीके से प्रस्तुत करना मेरी प्राथमिकता है,ताकि छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में आत्मविश्वास के साथ सफलता हासिल कर सकें। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हिंदी सहित सभी विषयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। डॉ.कपिल पंवार का यह चयन न केवल गढ़वाल विश्वविद्यालय के लिए,बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। यह साबित करता है कि पहाड़ की प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा जगत में अपनी पहचान बना रही है।