गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में गूंजा सुरक्षित बचपन का संदेश-सिविल जज अलका ने विद्यार्थियों को बताए अधिकारों की ताकत और कानून की बारीकियां

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि में बच्चों के सुरक्षित भविष्य,उनके अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गुरु राम राय पब्लिक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि में बच्चों के सुरक्षित भविष्य,उनके अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गुरु राम राय पब्लिक स्कूल श्रीनगर में एक दिवसीय वृहद विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सुरक्षित बचपन विषय पर आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों,उनके मौलिक अधिकारों,सामाजिक दायित्वों तथा जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तहसील विधिक सेवा समिति श्रीनगर के तत्वावधान में आयोजित शिविर का शुभारंभ प्रातः नौ बजे हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष अलका ने किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून की व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक,आत्मविश्वासी और सजग नागरिक बनाना रहा। शिविर का विशेष आकर्षण सिविल जज अलका और विद्यार्थियों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने बाल सुरक्षा,कानूनी अधिकारों,सामाजिक व्यवहार और विभिन्न परिस्थितियों में कानून की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। सिविल जज ने बच्चों की जिज्ञासाओं को गंभीरता से सुनते हुए सरल,सहज और व्यावहारिक भाषा में उनके उत्तर दिए। इससे विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था और कानून की उपयोगिता को नजदीक से समझने का अवसर मिला। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम,बाल अधिकारों तथा गुड टच-बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपने शरीर की सुरक्षा,व्यक्तिगत सीमाओं और सम्मान के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार,शोषण अथवा असहज स्थिति का सामना करने पर बच्चों को चुप नहीं रहना चाहिए,बल्कि बिना किसी भय के अपने अभिभावकों,शिक्षकों अथवा संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और नियमित स्वाध्याय की आदत विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को जागरूक बनाती है और उसे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का वास्तविक ज्ञान कराती है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी दिनचर्या में प्रतिदिन कम से कम दो घंटे पूरी एकाग्रता के साथ स्वाध्याय के लिए अवश्य निकालने चाहिए। एक शिक्षित,जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीएलवी सदस्य मानव बिष्ट ने निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था और उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर,निर्धन,असहाय और पात्र जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आर्थिक कठिनाई अथवा कानूनी जानकारी के अभाव में किसी भी पात्र व्यक्ति को न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए राज्य,जिला और तहसील स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और उपलब्ध हेल्पलाइन संबंधी जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही कानून का सम्मान करने और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में ऐसा बाल-सुलभ और सुरक्षित वातावरण होना चाहिए,जहां विद्यार्थी बिना किसी भय,दबाव अथवा संकोच के अपनी समस्याएं शिक्षकों और अभिभावकों के सामने रख सकें। बच्चों की बात को गंभीरता से सुनना और उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं,नागरिक अधिकारों तथा राष्ट्र के प्रति मौलिक कर्तव्यों की भी जानकारी दी। वहीं बार एसोसिएशन के संरक्षक अनूप पांथरी ने दैनिक जीवन में उपयोगी कानूनों की सरल व्याख्या करते हुए बाल श्रम निषेध,बाल विवाह प्रतिषेध और साइबर सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ अनुशासन,नैतिकता और अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी आवश्यक है। एक जिम्मेदार विद्यार्थी ही आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकता है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा,आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को कानून की जानकारी देना केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं,बल्कि उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विद्यालयों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित होते हैं। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के संरक्षक अनूप पांथरी,अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी,वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह पुंडीर,तहसील विधिक सेवा समिति के पीएलवी मानव बिष्ट,प्रीति बिष्ट,प्रियंका रॉय,पूनम हटवाल सहित गुरु राम राय पब्लिक स्कूल श्रीनगर के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से तहसील विधिक सेवा समिति,न्यायिक अधिकारी एवं उपस्थित विधिक विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया गया। यह शिविर विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ ही उनके भीतर सुरक्षा,आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

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