गैस वितरण में पारदर्शिता की मांग तेज-ओपन मार्केट में सिलेंडर उपलब्ध कराने की उठी जोरदार आवाज

गबर सिंह भण्डारी हिमालय टाइम्स श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में रसोई गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य योजना आयोग सदस्य जयसिंह कठैत ने केंद्र व राज्य

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गबर सिंह भण्डारी हिमालय टाइम्स

श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में रसोई गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य योजना आयोग सदस्य जयसिंह कठैत ने केंद्र व राज्य सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री भारत सरकार) पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री उत्तराखंड) तथा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश में इंडेन,भारत गैस और हिंदुस्तान गैस जैसी कंपनियों के सिलेंडर वितरण को ओपन मार्केट सिस्टम के तहत भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास गैस कनेक्शन तो है,लेकिन बुकिंग सुविधा या पासबुक के अभाव में उन्हें गैस प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कई लोग मजबूरी में ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर गैस सिलेंडर खरीदने को विवश हैं,जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। जयसिंह कठैत ने विशेष रूप से बाहरी राज्यों बिहार,झारखंड,नेपाल आदि से उत्तराखंड में मजदूरी करने आए श्रमिकों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि इन लोगों के पास स्थानीय गैस कनेक्शन या दस्तावेज न होने के कारण उन्हें गैस नहीं मिल पाती। परिणामस्वरूप उन्हें या तो लकड़ी-कोयले का सहारा लेना पड़ता है या फिर महंगे दामों पर गैस खरीदनी पड़ती है। कई मजदूर तो इस समस्या के चलते अपने गांवों की ओर पलायन तक करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों की मनमानी के चलते जिन लोगों की सिफारिश या पहचान होती है,उन्हें आसानी से गैस मिल जाती है,जबकि आम उपभोक्ताओं को भटकना पड़ता है। इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि बिना सब्सिडी के बाजार दर पर गैस सिलेंडर ओपन रूप से उपलब्ध कराए जाएं,ताकि हर जरूरतमंद को आसानी से गैस मिल सके और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की मांग करते हुए कहा कि जिलाधिकारी,गढ़वाल मंडल आयुक्त,जिला पूर्ति अधिकारी और उपजिलाधिकारी स्तर पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही गैस प्लांटों से होने वाले वितरण पर भी विशेष नजर रखी जाए,ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात न हो। जयसिंह कठैत ने यह भी कहा कि इंडेन गैस एजेंसियों को अपेक्षाकृत कम आपूर्ति मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं,जबकि अन्य कंपनियों को नियमित आपूर्ति हो रही है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है,क्योंकि यह सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रहा है। यह मांग न केवल गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है,बल्कि इससे आम जनता,विशेषकर मजदूर वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

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