
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है,जब उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के साथ पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को लाभान्वित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अब पेंशन के लिए जरूरतमंदों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए प्रशासनिक टीमें स्वयं घर-घर पहुंचकर पात्र व्यक्तियों को चिह्नित करने से लेकर आवेदन और अंतिम स्वीकृति तक की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटी हैं। अभियान के तहत अब तक 551 पात्र व्यक्तियों के पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार की भावना के अनुरूप जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव,आवश्यक अभिलेखों की कमी अथवा ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थता के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में विभागीय टीमें घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही हैं,जिन्हें वृद्धावस्था,दिव्यांगता,निराश्रित विधवा महिला अथवा किसान पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है,लेकिन विभिन्न कारणों से वे अब तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित करने के साथ ही उनके आवश्यक दस्तावेज जुटाने,आवेदन तैयार करने,ऑनलाइन आवेदन करने,पात्रता सत्यापन तथा स्वीकृति संबंधी औपचारिकताओं में भी सहायता प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने जुलाई माह में आयोजित बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पेंशन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए केवल आवेदन प्राप्त होने की प्रतीक्षा न की जाए,बल्कि विभागीय स्तर पर सक्रिय पहल करते हुए पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों पर ध्यान देने के निर्देश दिए,जो उम्र,दिव्यांगता,जानकारी के अभाव अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण स्वयं आवेदन करने में असमर्थ हैं। निर्देशों के अनुपालन में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारियों,ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों,खंड विकास अधिकारियों,राजस्व उपनिरीक्षकों तथा अन्य संबंधित कार्मिकों के सहयोग से घर-घर संपर्क कर पात्र व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद सहायक समाज कल्याण अधिकारियों के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। आवश्यक दस्तावेजों की जांच,पात्रता सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर से आवेदनों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि जनपद में संचालित पेंशन संतृप्तिकरण अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 551 पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 397,किसान पेंशन के 49,दिव्यांग पेंशन के 45 तथा निराश्रित विधवा महिला पेंशन के 60 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पात्र व्यक्तियों को चिह्नित करने के साथ ही आवेदन से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,ताकि जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घर-घर संपर्क अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए पात्र व्यक्तियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को जानकारी के अभाव,दस्तावेजों की कमी अथवा आवेदन संबंधी परेशानी के कारण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े। जनपद में चल रहा यह अभियान प्रशासन की उस कार्यप्रणाली को रेखांकित करता है,जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ केवल आवेदन करने वालों तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंदों तक स्वयं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पेंशन संतृप्तिकरण की यह पहल पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।