
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनसमस्याओं के त्वरित,पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण की दिशा में मंगलवार को चाकीसैंण तहसील दिवस का आयोजन राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी में किया गया। तहसील दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने की,जहां उन्होंने स्वयं विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति जानी और आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। तहसील दिवस के दौरान कुल 68 शिकायतें दर्ज की गई,जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान कर दिया गया,जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तहसील दिवस प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है,जिससे आम नागरिकों को मुख्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ते। जिलाधिकारी ने कांडा-घंडियाली-बरतोली सड़क मार्ग की खराब स्थिति पर अधिशासी अभियंता लोनिवि पाबों को निर्देश दिए कि स्थलीय निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर सुधारीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए। वहीं पैठाणी एवं तिरपालीसैंण बाजार में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के संबंध में कहा कि व्यापार सभा द्वारा भूमि चिन्हित किए जाने पर निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाएगा। दिव्यांग पेंशन से संबंधित शिकायत पर समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही आवेदन भरवाकर कार्रवाई की गई। डोबरी गांव एवं रिस्ती के प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर स्थिति पर जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों को अन्य सुरक्षित भवनों में शिफ्ट करने तथा भवनों के सुधारीकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों की सोलर लाइट की मांग पर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पात्र गांवों में चरणबद्ध तरीके से सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी। वहीं विद्युत लाइनों में झूल रहे पेड़ों को लेकर विद्युत विभाग को लॉपिंग के निर्देश दिए गए,जिस पर विभाग ने एक सप्ताह में कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। तहसील दिवस में जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा,कृषि भूमि की सुरक्षा हेतु पुश्तों का निर्माण,पश्चिमी नयार नदी पर क्षतिग्रस्त पुल,पेयजल संकट,डामरीकरण,भूकटाव से बचाव सहित अनेक महत्वपूर्ण समस्याएं सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम चौरा में वर्षा से हुए भूकटाव को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए गए। वहीं उद्यान विभाग को ग्रामीणों को आंवला,नींबू सहित अन्य फलदार पौधे उपलब्ध कराने को कहा गया। भालू की दहशत,सड़क पुश्तों,चाकीसैंण बाजार,टीला,कांडा तल्ला सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल समस्या पर भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पैठाणी बाजार में निराश्रित पशुओं की समस्या पर पशुपालन विभाग को सख्त निर्देश दिए गए। वहीं स्योली मल्ली में स्ट्रीट लाइट,कृषि घेरबाड़ एवं खेल मैदान के समतलीकरण हेतु मनरेगा के अंतर्गत कार्य कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील दिवस में दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए,तथा अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छोटी समस्याओं का मौके पर समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। तहसील दिवस में अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड श्रीनगर एवं परियोजना अधिकारी उरेडा की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना सूचना स्वयं उपस्थित न होकर अधीनस्थ अधिकारियों को भेजना अनुशासनहीनता है,जिसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। तहसील दिवस में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। जनसहभागिता और सकारात्मक संवाद के चलते तहसील दिवस एक प्रभावी जनसरोकार मंच के रूप में उभरकर सामने आया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य टीला शिव चरण नौटियाल,संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,अधिशासी अभियंता लोनिवि पाबों शिवम मित्तल,डीपीआरओ जितेंद्र कुमार,जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग,सीडीओ वन आयशा बिष्ट,जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी,जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा,पीडी स्वजल दीपक रावत,अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।