
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल की पवित्र धरती इस बार नवरात्रि पर एक नए सांस्कृतिक उत्सव की साक्षी बनेगी। श्रीनगर गढ़वाल में पहली बार चौफुला-डांडिया महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जो क्षेत्रीय परंपरा और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम होगा। इसमें जहाँ एक ओर गढ़वाल की आत्मा माने जाने वाले चौफुला नृत्य की झंकार गूंजेगी,वहीं दूसरी ओर गुजरात का लोकप्रिय डांडिया रास-ताल और रंग बिखेरेगा। यह अनोखा महोत्सव 22 और 23 सितम्बर 2025 को सराफ धर्मशाला अपर बाज़ार श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित होगा। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों की विशेष भागीदारी रहेगी,ताकि यह मंच स्थानीय संस्कृति और राष्ट्रीय विविधता दोनों का जीवंत उदाहरण बन सके। महोत्सव की खास झलकियां,चौफुला नृत्य और डांडिया रास की मनमोहक प्रस्तुतियां,पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता-रंगों और परिधानों का उत्सव,लोक-संगीत,हंसी-ठिठोली और नवरात्रि का उल्लास-आयोजन समिति का मानना है कि यह महोत्सव सिर्फ मनोरंजन नहीं,बल्कि गढ़वाल की लोक-धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम होगा। इसके साथ ही यह सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रीनगर गढ़वाल की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आयोजकों का संदेश-यह महोत्सव सिर्फ नृत्य और संगीत का संगम नहीं,बल्कि हमारी जड़ों और हमारी विविधता का उत्सव है। हमारा संकल्प है कि इसे हर वर्ष नवरात्रि पर परंपरा के रूप में आयोजित कर श्रीनगर गढ़वाल को सांस्कृतिक मानचित्र पर नई ऊंचाई तक पहुंचाया जाए। आयोजक-शैलनट एवम ट्रिप्स न ट्रेक्स,श्रीनगर गढ़वाल
सम्पर्क सूत्र-639783310,आयोजन समिति। जहां चौफुला की थाप और डांडिया की झंकार मिलेगी,वहां संस्कृति और एकता की मशाल जलेगी।