
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा की रोशनी को गांव-गांव तक पहुंचाने के संकल्प के साथ छबी सहयोग फाउंडेशन और मॉन इंडिजीनियस कल्चरल एंड वेलफेयर सोसाइटी ने एक बार फिर मानवीय पहल का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रोजेक्ट इंकस्पायर के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरखाल के सभी छात्रों को स्टेशनरी सामग्री की दूसरी किश्त वितरित कर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के संसाधनों की कमी को दूर करते हुए बच्चों में सीखने की निरंतर प्रेरणा बनाए रखना है। कार्यक्रम में छबी सहयोग फाउंडेशन के महासचिव पार्थ रॉय और उत्तराखंड में फाउंडेशन के कार्यक्रम अधिकारी सचिन ममगाईं विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने बच्चों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई के प्रति समर्पण और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा दी। छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक अपनी सीखने की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नंदा रावत ने दोनों संगठनों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी सहयोगात्मक पहले दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का आधार मजबूत करती हैं। जब बच्चों को बुनियादी शैक्षिक सामग्री मिलती है,तो उनकी पढ़ाई में निरंतरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक डॉ.अतुल बमराड़ा ने भी फाउंडेशन को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट इंकस्पायर वास्तव में जरूरतमंद बच्चों के लिए सीखने के नए अवसर खोल रहा है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे,जिससे बच्चों का शैक्षणिक विकास और सुदृढ़ होगा। स्टेशनरी किट प्राप्त करते ही बच्चों की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सामग्री उनके अध्ययन में बहुत सहायक सिद्ध होगी। स्थानीय समुदाय ने भी इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि शिक्षा के प्रति ऐसे सकारात्मक कदम गांवों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। छबी सहयोग फाउंडेशन और मॉन इंडिजीनियस कल्चरल एंड वेलफेयर सोसाइटी का यह प्रयास न केवल बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करता है,बल्कि ग्रामीण शिक्षा की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण भी स्थापित करता है।