
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र द्वारा आयोजित नरेन्द्र संगीत सप्ताह का छठा दिन लोकभावना,संस्कृति और संगीत की अनूठी सरिता बनकर बहता नजर आया। पूरे कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के अमर गीतों की ऐसी सुरमयी प्रस्तुति हुई कि श्रोता मंत्रमुग्ध होकर देर तक अपनी जगह से उठ नहीं सके। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा चुने गए गीतों ने जहां एक ओर गढ़वाली लोकजीवन की झलक प्रस्तुत की,वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बना। सभागार में बैठे श्रोता हर प्रस्तुति के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ते चले गए-मानो हर गीत उनके अपने जीवन की कहानी कह रहा हो। पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि नेगी का रचना संसार हमारी संस्कृति का जीवंत दस्तावेज है,जिस पर आज शोध हो रहा है और नई पीढ़ी उनके गीतों से सीख रही है-यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल संगीत तक सीमित नहीं,बल्कि हमारी भाषा,परंपरा और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नेगी जी के गीतों में इस माटी की सोंधी खुशबू बसती है और उनके गीतों को तीन-तीन पीढ़ियां एक साथ बैठकर सुन सकती हैं,यह उनकी रचनात्मकता की सबसे बड़ी पहचान है। मिजोरम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विश्वंभर प्रसाद सती ने भावुक होकर कहा कि जिन गीतों को सुनते हुए वे बड़े हुए,आज उन्हीं पर केंद्रित कार्यक्रम में शामिल होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे केवल कार्यक्रम नहीं,बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना का अनुष्ठान बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत ने कहा कि नेगी जी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ऐसे कलाकार हैं,जिनकी शैली की बराबरी आज तक कोई नहीं कर सका। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर भी जिस ऊर्जा के साथ वे सृजन कर रहे हैं,वह अद्वितीय है। कार्यक्रम के छठे दिन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को लोकमय बना दिया। राजेन्द्र पंवार,प्रदीप कुमार,प्रेमलता रावत,आयुषी काण्डपाल,माही कण्डवाल,अमित खण्डूड़ी,अभिषेक रावत,सोनाली,विमल सोनियाल,उत्कर्ष नेगी और आयुषी बेडवाल सहित सभी कलाकारों ने नेगी के लोकप्रिय गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। नरेन्द्र संगीत सप्ताह केवल एक सांगीतिक आयोजन नहीं,बल्कि गढ़वाली लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का सशक्त मंच बन चुका है। यह आयोजन न केवल पुरानी पीढ़ी की स्मृतियों को जीवंत करता है,बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है। जब नेगी जी के गीत गूंजते हैं,तब केवल सुर नहीं बजते-बल्कि गढ़वाल की आत्मा बोल उठती है।