जर्जर बिजली का खम्भा बना खतरे का साया-प्रशासन की अनदेखी,हादसे का इंतजार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग और अढ़ात बाजार चौराहे के समीप सुलभ शौचालय के पास लगा बिजली का खम्भा आज

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग और अढ़ात बाजार चौराहे के समीप सुलभ शौचालय के पास लगा बिजली का खम्भा आज आमजन की जिंदगी के लिए खुला खतरा बन चुका है। खम्भे की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की चेतावनी दे रही है,लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी आंखें मूंदे बैठा है। तस्वीरें इस खतरनाक सच्चाई को बयां करने के लिए काफी हैं-लोहे का खम्भा नीचे से पूरी तरह गल चुका है,उसमें बड़ा छेद हो गया है और वह अंदर से खोखला हो चुका है। यह स्थिति किसी भी क्षण इसे धराशायी कर सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी स्थान पर दिनभर सैकड़ों लोग गुजरते हैं,वहीं दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं और आसपास दुकानों की चहल-पहल बनी रहती है। यह केवल एक खम्भा नहीं बल्कि चलती-फिरती मौत का साया है,जो कभी भी किसी राहगीर,दुकानदार या वाहन चालक पर गिर सकता है। यदि यह बिजली का पोल गिरता है,तो न सिर्फ गंभीर चोटें बल्कि जानलेवा हादसा भी हो सकता है। साथ ही, विद्युत करंट फैलने का खतरा स्थिति को और भयावह बना सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर बार आश्वासन दिया गया,लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा। क्षेत्रवासियों और व्यापारियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों की साफ मांग है तत्काल इस जर्जर खम्भे को हटाकर नया और सुरक्षित पोल लगाया जाए। पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की जांच कर अन्य खतरनाक खम्भों की पहचान की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो,ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। चेतावनी साफ है-यदि समय रहते इस खतरे को नहीं हटाया गया,तो यह खम्भा किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। तब जिम्मेदारी तय करना आसान होगा,लेकिन खोई हुई जान वापस नहीं आएगी। अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस खुले खतरे को कब तक नजरअंदाज करता है-या फिर किसी अनहोनी के बाद ही जागता है।

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