टिहरी का बागसैण-सिल्काखाल बनेगा एडवेंचर टूरिज्म का नया हब

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। टीहरी गढ़वाल के दुर्गम लेकिन अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बागसैण-सिल्काखाल अब एडवेंचर प्रेमियों के लिए नई पहचान बनने जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 11

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गबर सिंह भण्डारी

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। टीहरी गढ़वाल के दुर्गम लेकिन अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बागसैण-सिल्काखाल अब एडवेंचर प्रेमियों के लिए नई पहचान बनने जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 11 सितम्बर 2025 को जारी आदेश (पत्र संख्या 3228/2-7-878/2025-26) के तहत यहां के पैराग्लाइडिंग स्थल को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। परिषद के पत्र के अनुसार, 5 अप्रैल 2025 को पर्यटन विभाग की तकनीकी समिति ने इस स्थल का निरीक्षण किया था और सुरक्षा मानकों को परखने के बाद इसे संचालन योग्य घोषित किया गया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संचालनकर्ताओं को उत्तराखंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (पैराग्लाइडिंग) नियमावली 2018 तथा इसके 2019, 2021 और 2023 में हुए संशोधनों का पालन करना अनिवार्य होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बागसैण-सिल्काखाल की भौगोलिक स्थिति,ऊंचाई और वादियों का अनोखा नजारा पैराग्लाइडिंग के लिए इसे बेहद उपयुक्त बनाता है। यहां से उड़ान भरने वाले पर्यटक रोमांच के साथ-साथ हिमालय की चोटियों और भागीरथी घाटी के अद्भुत दृश्य का लुत्फ उठा सकेंगे। स्थानीय विधायक विनोद कंडारी के प्रयासों से इस परियोजना को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि बागसैण-सिल्काखाल को पैराग्लाइडिंग स्थल की अनुमति मिलना पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम है। यह न सिर्फ युवाओं को रोजगार के नए अवसर देगा,बल्कि उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म की दुनिया में एक नई पहचान भी दिलाएगा। सरकार की मंशा है कि पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और प्रकृति की सुंदरता को भी बढ़ावा मिले। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उनका मानना है कि यदि सरकार,संचालक और स्थानीय लोग मिलकर पारदर्शी तरीके से कार्य करें तो यह स्थल आने वाले समय में उत्तराखंड का मुख्य एडवेंचर डेस्टिनेशन बन सकता है। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना तकनीकी अनुमति और प्रशिक्षित पायलटों के पैराग्लाइडिंग संचालन सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा। सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए समय-समय पर विभागीय और परिषद की टीम निरीक्षण करती रहेगी। बागसैण-सिल्काखाल में पैराग्लाइडिंग की अनुमति मिलना उत्तराखंड पर्यटन की एक नई उड़ान है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी होंगी कि सुरक्षा और नियमों के दायरे में यह रोमांचक खेल कितनी दूर तक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर पाता है।

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