डायट पौड़ी गढ़वाल की पहल से विद्यार्थियों को मिला तकनीकी आत्मविश्वास सी और पायथन प्रोग्रामिंग पर गढ़वाल विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय गहन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पौड़ी गढ़वाल द्वारा विद्यार्थियों के तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पौड़ी गढ़वाल द्वारा विद्यार्थियों के तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। डायट पौड़ी के तत्वावधान में दिनांक 20 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक सी (C) एवं पायथन (Python) प्रोग्रामिंग विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के पांच विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेज बिडोली,कमलपुर,सकिनखेत,कपरोली एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी के कुल 25 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा 5 मेंटर शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर ज्ञान की बुनियादी समझ,प्रोग्रामिंग तर्क तथा कोडिंग कौशल से परिचित कराते हुए उन्हें डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करना रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया। प्रथम दो दिवस प्रशिक्षण डायट पौड़ी परिसर में संपन्न हुआ,जहां विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया गया। इसके पश्चात अंतिम तीन दिवसों में प्रशिक्षण का आयोजन हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय चौरा परिसर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में किया गया। इस चरणबद्ध व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को पहले सैद्धांतिक आधार प्रदान करना तथा बाद में विश्वविद्यालय स्तर की प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से उनके कौशल को और अधिक निखारना रहा। कंप्यूटर से कोडिंग तक का व्यावहारिक सफर डायट में आयोजित प्रारंभिक सत्रों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर ऑपरेटिंग प्रणाली,हार्डवेयर,सॉफ्टवेयर,इंटरनेट उपयोग तथा प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में विद्यार्थियों ने पायथन भाषा में छोटे-छोटे प्रोग्राम तैयार किए,कोड की संरचना को समझा तथा तार्किक क्षमता के विकास पर विशेष अभ्यास किया। विद्यार्थियों ने स्वयं प्रोग्राम लिखे,उनमें आने वाली त्रुटियों की पहचान की और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्हें सुधारने की प्रक्रिया सीखी,जिससे उनमें आत्मविश्वास और सीखने की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय डायट की प्रवक्ता शालिनी भट्ट द्वारा किया गया,जबकि सह-समन्वयक के रूप में डॉ.शिव कुमार भारद्वाज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण में डॉ.वरुण बर्थवाल एवं डॉ.विनय टम्टा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के शोधार्थियों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने भी विद्यार्थियों को प्रयोगशाला आधारित गतिविधियों में निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण एवं अवलोकन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियंत्रण विभाग की प्रयोगशालाओं,प्लैनेटेरियम तथा संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में तकनीकी अवसरों,शोध संभावनाओं तथा प्रयोगशाला संस्कृति से परिचित कराया,जो विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने की सराहना प्रशिक्षण में शामिल छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक रहा। विश्वविद्यालय परिसर में सीखने का वातावरण,प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अनुभव तथा प्लैनेटेरियम व संग्रहालय भ्रमण उनके लिए स्मरणीय अनुभव रहा। वहीं मेंटर शिक्षकों में संतोष नेगी,दिया नौटियाल,कान्ति किमोठी,अंजना एवं अमिता सिंह ने भी कार्यक्रम की संरचना,प्रशिक्षण पद्धति एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के डिजिटल कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। भविष्य के लिए मजबूत आधार कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में डिजिटल दक्षता,तकनीकी आत्मविश्वास एवं तार्किक सोच का विकास करते हैं,जो उन्हें भविष्य में उच्च शिक्षा,प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार करेंगे। डायट पौड़ी गढ़वाल ने भविष्य में भी इसी तरह के कौशल-आधारित एवं नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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