
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों,नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराया गया। यह आयोजन प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के मार्गदर्शन एवं पहल पर किया गया,जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देना और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने की। इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने प्रतिभागियों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता,स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण,स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण तथा अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तारपूर्वक प्रदान की। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रज्ञा पालीवाल ने बताया कि वर्तमान में मिशन के तहत 83 लाख से अधिक स्वास्थ्य अभिलेखों का संयोजन,70 लाख से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (आईडी) तथा लगभग 10 हजार स्वास्थ्य पेशेवरों का पंजीकरण किया जा चुका है। साथ ही बड़ी संख्या में चिकित्सा संस्थान भी इस डिजिटल मंच से जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है,जिससे मरीजों को सुरक्षित,त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है। उन्होंने मिशन के तकनीकी पहलुओं,क्रियान्वयन प्रक्रिया और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। बताया कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते के माध्यम से मरीजों का संपूर्ण चिकित्सीय रिकॉर्ड एक ही मंच पर सुरक्षित रहता है,जिससे इलाज में पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि होती है। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे मरीजों को तेज,सटीक और पारदर्शी चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी,वहीं चिकित्सकों के लिए भी उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े रमेश नेगी,नवीन चमोली,नवीन शुक्ला,अमृत पोखरियाल,प्रणव शर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके अतिरिक्त बेस चिकित्सालय की डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक डॉ.दीपा हटवाल,संजय पांडे सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और नर्सिंग अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि डिजिटल तकनीक के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है,जो भविष्य में मरीजों के लिए और अधिक लाभकारी सिद्ध होगी।