डॉ.गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान-2024 से प्रख्यात गढ़वाली नाटककार कुलानन्द घनशाला होगे सम्मानित

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाली लोकसाहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार स्वर्गीय डॉ.गोविन्द चातक की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले डॉ.गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान-2024 से इस वर्ष सुप्रसिद्ध गढ़वाली

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाली लोकसाहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार स्वर्गीय डॉ.गोविन्द चातक की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले डॉ.गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान-2024 से इस वर्ष सुप्रसिद्ध गढ़वाली नाटककार,साहित्यकार एवं रंगकर्मी कुलानन्द घनशाला को सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी आखर ट्रस्ट के अध्यक्ष संदीप रावत ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि डॉ.गोविन्द चातक की जयंती के अवसर पर आखर ट्रस्ट द्वारा वर्ष 19 दिसंबर 2017 से निरंतर प्रतिवर्ष डॉ.गोविन्द चातक स्मृति व्याख्यान एवं आखर साहित्य सम्मान का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 28 दिसंबर रविवार को श्रीकोट गंगानाली स्थित सौरभ होटल विशाल मेगा मार्ट के निकट में संपन्न होगा। यह आयोजन आखर श्रीनगर गढ़वाल की ओर से आयोजित नवां स्मृति कार्यक्रम होगा। संदीप रावत ने बताया कि डॉ.गोविन्द चातक के गढ़वाली भाषा और लोकसाहित्य में दिए गए अमूल्य योगदान से प्रेरणा लेकर यह सम्मान प्रतिवर्ष किसी ऐसे साहित्यकार को प्रदान किया जाता है,जिसने गढ़वाली भाषा-साहित्य को समृद्ध करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो। इस अवसर पर डॉ.चातक के जीवन,व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा। सम्मान स्वरूप चयनित साहित्यकार को 11,000 रुपये की धनराशि,अंगवस्त्र,मानपत्र एवं आखर स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान डॉ.गोविन्द चातक के पारिवारिक सहयोग से दिया जाता है। गढ़वाली नाटक लेखन और रंगकर्म के क्षेत्र में अपने विशिष्ट योगदान के लिए इस वर्ष यह सम्मान वरिष्ठ गढ़वाली नाटककार एवं रंगकर्मी कुलानन्द घनशाला को प्रदान किया जा रहा है। घनशाला की गढ़वाली भाषा में गढ़वाली रामलीला सहित कुल 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने अब तक 80 से अधिक गढ़वाली नाटकों की रचना की है,जिनमें से लगभग 28 नाटक मंचित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई गढ़वाली फिल्मों में संवाद लेखन का कार्य भी किया है। उनके द्वारा रचित गढ़वाली रामलीला का निरंतर मंचन विभिन्न स्थानों पर किया जाता रहा है। इस गरिमामय समारोह की मुख्य अतिथि आरती भण्डारी महापौर नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.मंजुला राणा संकायाध्यक्ष कला संचार एवं भाषा संकाय हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय करेंगी। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार गणेश खुगशाल गणी संपादक धाद पत्रिका एवं निदेशक लोक कला निष्पादन केंद्र उपस्थित रहेंगे। जबकि विशिष्ट अतिथि होंगे प्रो.सम्पूर्ण सिंह रावत लोकसाहित्य विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के रूप में डॉ.कपिल पंवार सहायक प्राध्यापक हिंदी विभाग हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। आखर ट्रस्ट ने समस्त भाषा,साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों से इस आयोजन में सहभागिता कर गढ़वाली भाषा-साहित्य के संवर्धन में सहयोग देने की अपील की है।

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