
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। समाज में विचारशील संवाद और तथ्यपरक विमर्श को मजबूती देने के उद्देश्य से स्कूल ऑफ थॉट्स श्रीनगर की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से डॉ.प्रदीप अणथ्वाल को संस्था का संयोजक चुना गया। उनके संयोजक चुने जाने पर उपस्थित सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में स्कूल ऑफ थॉट्स वैचारिक आंदोलन के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्कूल ऑफ थॉट्स अब रीजनल रिपोर्टर के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शिक्षा,पर्यटन,पर्यावरण,राजनीति तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े समसामयिक विषयों पर तथ्यों एवं तर्कों के आधार पर अपना दृष्टिकोण समाज के समक्ष प्रस्तुत करेगा। यह वैचारिक परिचर्चा प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी,जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा,ताकि व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि स्कूल ऑफ थॉट्स युवा वर्ग के लिए करियर काउंसलिंग,मार्गदर्शन एवं सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही संस्था विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को रचनात्मक एवं सकारात्मक सुझाव देगी,जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया में आमजन की सार्थक भागीदारी संभव हो सके। इस अवसर पर रीजनल रिपोर्टर की संपादक गंगा असनोड़ा का जन्मदिन भी सादगी,आत्मीयता एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया,जिसने बैठक को मानवीय संवेदना और आपसी सहयोग का सुंदर स्वरूप प्रदान किया। जुगरान रेस्टॉरेंट में आयोजित इस बैठक में प्रो.एस.एस.रावत,डॉ.अरुण कुकसाल,डॉ.प्रदीप अणथ्वाल,नरेश नौटियाल,गजेंद्र दानू,डॉ.योगेंद्र कांडपाल,गंगा असनोड़ा,भारती जोशी,सीताराम बहुगुणा एवं भूपेंद्र नेगी सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्कूल ऑफ थॉट्स विचार-संवाद-समाधान के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त मंच बनेगा और उत्तराखंड सहित व्यापक सामाजिक परिदृश्य में वैचारिक चेतना को नई दिशा देगा।