
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के नागदेव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढांडरी में लंबे समय से व्याप्त गुलदार आतंक पर आखिरकार विराम लग गया है। बीते नवंबर माह में एक महिला पर हुए जानलेवा हमले के बाद से दहशत के साए में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चिन्हित गुलदार को ढेर कर दिया गया,जिससे क्षेत्र में संभावित जनहानि का खतरा टल गया है। गौरतलब है कि 21 नवंबर 2025 को ग्राम ढांडरी निवासी भगवान देवी पर थलदार तोक क्षेत्र में घास काटते समय गुलदार ने अचानक हमला कर दिया था,जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया था। इसके बाद ग्राम ढांडरी और आसपास के इलाकों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की अति संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा व्यापक निगरानी एवं सुरक्षा अभियान शुरू किया गया। पिंजरे,ट्रैप कैमरे और विशेषज्ञ टीमों की ली गई मदद प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि गुलदार को जीवित पकड़ने के उद्देश्य से हर संभव प्रयास किए गए। इसके तहत क्षेत्र में पांच पिंजरे,15 ट्रैप कैमरे,चार लाइव सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए तथा पगचिह्नों के माध्यम से उसकी निरंतर गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके साथ ही ट्रैंक्युलाइजेशन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी,रुद्रप्रयाग वन प्रभाग एवं राजाजी नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीमों का सहयोग भी लिया गया। उन्होंने बताया कि गुलदार की लगातार आवाजाही,रिहायशी क्षेत्रों के समीप सक्रियता और पिंजरे में न फंसने की स्थिति के चलते भविष्य में किसी भी समय मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था। ऐसे में सभी वैकल्पिक उपाय विफल होने के बाद उच्च स्तर से प्राप्त अनुमति के क्रम में दिनांक 8 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 10.15 बजे विभागीय टीम द्वारा ग्राम ढांडरी क्षेत्र में चिन्हित गुलदार को शूट किया गया। कार्रवाई के उपरांत पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा गुलदार का विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया। वन विभाग के अनुसार मारा गया गुलदार नर था तथा उसकी आयु लगभग 10 वर्ष आंकी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। जनसुरक्षा सर्वोपरि,अंतिम विकल्प के रूप में हुई कार्रवाई। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि जनपद में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुलदार हमले की गंभीर घटना के बाद वन विभाग,जिला प्रशासन और विशेषज्ञ टीमों द्वारा हर संभव वैकल्पिक उपाय अपनाए गए,किंतु परिस्थितियों को देखते हुए और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर अत्यंत संवेदनशील है और प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी,त्वरित सूचना तंत्र और जनजागरूकता को और अधिक मजबूत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क रहें,जंगल क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। ग्रामीणों ने ली राहत की सांस गुलदार के ढेर होने के बाद ग्राम ढांडरी सहित आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल कम हुआ है। लंबे समय से दहशत में रह रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए प्रशासन एवं वन विभाग की कार्रवाई का स्वागत किया है।