
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। आस्था का प्रमुख केंद्र धारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम एवं मंदिर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने की। बैठक में मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने,श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मंदिर क्षेत्र को व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर की धार्मिक गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए अब मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह से वर्जित रहेगा। श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो,इसके लिए नगर निगम द्वारा मंदिर परिसर में लॉकर की विशेष व्यवस्था की जाएगी,जहां श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन व अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे। इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा,जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारू,सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके। इस व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन में भी काफी मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को बिना किसी अव्यवस्था के सहज रूप से दर्शन का लाभ मिल सकेगा। मंदिर परिसर की स्वच्छता और धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए अतिक्रमण हटाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। नगर निगम द्वारा मंदिर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को हटाकर परिसर को सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनाने की दिशा में जल्द कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान मंदिर परिसर में साफ-सफाई,यातायात व्यवस्था,श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि धारी देवी मंदिर उत्तराखंड की आस्था,संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है,जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और मंदिर परिसर की पवित्रता,अनुशासन और स्वच्छता बनी रहे। इसी उद्देश्य से मोबाइल फोन प्रतिबंध,लॉकर व्यवस्था,सिंगल विंडो सिस्टम और अतिक्रमण हटाने जैसे ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में वार्ड पार्षद राजेंद्र नेगी,सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी,अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल,मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार,प्रवीण रावत,मंदिर समिति के सचिव विवेक पांडेय,रमेश चंद्र पांडेय सहित मंदिर समिति के अन्य सदस्य एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में धारी देवी मंदिर परिसर को अधिक व्यवस्थित,स्वच्छ और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे,जिससे यह पवित्र स्थल अपनी धार्मिक गरिमा के अनुरूप और अधिक भव्य व सुव्यवस्थित स्वरूप में विकसित हो सके।