
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। मकानों के नक्शे स्वीकृत न होने से परेशान आम नागरिकों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय श्रीनगर में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में जिला विकास प्राधिकरण पौड़ी के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में उन नागरिकों ने भाग लिया,जिनके आवासीय नक्शे लंबे समय से लंबित हैं। बैठक के दौरान नागरिकों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और प्राधिकरण की जटिल प्रक्रियाओं से उत्पन्न परेशानियों से अवगत कराया। जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा और समस्या का व्यावहारिक व स्थायी समाधान निकाला जाएगा। मंगलवार को अहम बैठक तय समस्या के त्वरित समाधान की दिशा में पहल करते हुए कैबिनेट मंत्री ने जिला विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार से दूरभाष पर सीधी वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी मंगलवार को उनके शासकीय आवास पर एक विशेष बैठक आयोजित की जाए,जिसमें सभी पक्षों के साथ चर्चा कर नक्शा स्वीकृति से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। डॉ.धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि यदि इस बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकलता है,तो महायोजना (मास्टर प्लान) में आवश्यक संशोधन हेतु कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा,ताकि आम जनता को राहत मिल सके। बैठक में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा। मंत्री ने कहा कि विकास के नाम पर आम नागरिकों के अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों को जनहित में सरल बनाया जाएगा। इस अवसर पर एडीएम पौड़ी,जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता,एसडीएम श्रीनगर नूपुर वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं बैठक में डॉ.कोठियाल,कवि फ्लेक्स,विभोर बहुगुणा,दिनेश असवाल सहित कई नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। बैठक के अंत में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने दोहराया कि सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और नक्शा स्वीकृति से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।