
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड पाबों की पट्टी बाली कण्डारस्यूं के ग्राम सैंजी ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायक पहल प्रस्तुत की है। यहां नवविवाहित दम्पति अंकित एवं सानिया ने अपनी शादी को यादगार बनाते हुए घर के आंगन में मौसमी का समलौण पौधा रोपित कर समाज के लिए एक संदेश दिया कि जीवन की नई शुरुआत प्रकृति के आशीर्वाद से ही पूर्ण होती है। नव विवाहिता सानिया देवी ने पौधे की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी स्वयं उठाकर यह साबित किया कि विवाह केवल दो जीवनों का मिलन ही नहीं,बल्कि प्रकृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी अवसर है। समलौण पौधारोपण की यह परंपरा गांव में नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का जीवंत संदेश दे रही है। कार्यक्रम का संचालन गांव की समलौण सेना नायिका समूह की संयोजक गीता देवी ने किया। गांव में पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय समलौण सेना लगातार पौधारोपण,संरक्षण और जन-जागरूकता की पहल कर रही है। इस पौधारोपण में सेना सदस्य चंद्रा देवी,मंदोदरी देवी,अंकिता देवी,रामेश्वरी देवी,कु.ज्योति सहित कई ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। महिलाओं की इस संयुक्त पहल ने पूरे गांव में सकारात्मक माहौल बनाया। पौधारोपण जैसे पुण्य कार्य पर खुश होकर नवविवाहिता के परिवार ने गांव की समलौण सेना को 501 रुपए की नगद राशि सम्मान स्वरूप भेंट की। इस सम्मान ने सेना के कार्यों और समर्पण को और प्रोत्साहन प्रदान किया। गांववासियों का कहना है कि शादी के अवसर पर पौधारोपण जैसी पहल समाज को नई दिशा देती है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरती है। गढ़वाल मंडल में समलौण पौधारोपण की परंपरा तेजी से पुनर्जीवित हो रही है। समारोहों,विवाहों और शुभ अवसरों पर पौधा रोपकर प्रकृति को आभार व्यक्त करने की यह संस्कृति पर्वतीय समाज के पर्यावरण प्रेम,सामुदायिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। अंकित और सानिया की यह पहल यह संदेश देती है कि शादी की खुशियों में प्रकृति को शामिल करना ही सच्ची समृद्धि है। पौधा रोपे परिवार,तो हरा-भरा हो हर घर-आंगन। ग्राम सैंजी की यह अनूठी पहल अब पूरे क्षेत्र में प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है।