
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जब शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे,तो भरोसा,सहभागिता और समाधान की नई तस्वीर उभरती है। कुछ ऐसा ही दृश्य मंगलवार को विकासखंड बीरोंखाल की न्याय पंचायत नौगांव में देखने को मिला,जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में संचालित जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर ने संवेदनशील और सक्रिय शासन की झलक प्रस्तुत की। शिविर में पहुंचते ही जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया का ग्रामीण महिलाओं द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और आत्मीय स्वागत ने पूरे वातावरण को उत्सवी और विश्वासपूर्ण बना दिया। जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद की यह पहल कितनी सार्थक है। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 23 स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। पंचायती राज,समाज कल्याण,वन,बाल विकास सहित अन्य विभागों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी,पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाए,ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर शासन की संवेदनशील सोच का परिचय देते हुए बालिका नवनीता को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई,वहीं बालिका यशिता का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। सामाजिक परंपराओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का यह समन्वय ग्रामीण समाज में सकारात्मक संदेश देता नजर आया। जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित लर्निंग सेंटर का विधिवत उद्घाटन कर ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह से संवाद किया और केंद्र में उपलब्ध शैक्षणिक व तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही सीएससी केंद्र का निरीक्षण करते हुए डिजिटल सेवाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रहे लाभों की सराहना की और अधिकाधिक लोगों को इन सेवाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। शिविर का सबसे अहम पक्ष रहा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही हस्तक्षेप कर समाधान के निर्देश दिए। आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाइयों की कमी की शिकायत पर आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी को दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। जोगीमढ़ी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की समस्या पर तत्काल स्थल निरीक्षण और मरम्मत के निर्देश दिए गए। जोगीमढ़ी से कालिंका मंदिर तक मोटर मार्ग निर्माण,राष्ट्रीय राजमार्ग पर पक्की नाली,धुमाकोट एनएच पर प्रतीक्षालय,बीरोंखाल पॉलिटेक्निक से कुणागाड़ मोटर मार्ग,खेतों में सड़क मलबा गिरने जैसी समस्याओं पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। एक दिव्यांग बालिका का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को मेडिकल बोर्ड के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण कर शत-प्रतिशत दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता की सूचना पर वन विभाग को तत्काल ट्रैप कैमरा और पिंजरा लगाने को कहा गया। वहीं भूमि पर अवैध कब्जा,पशु क्षति मुआवजा,मंदिर का क्षतिग्रस्त गेट,आपदा से मकान क्षति तथा आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायर पोषण आहार वितरण जैसी शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर जनपद की 115 न्याय पंचायतों में 18 दिसंबर से 18 मार्च तक बहुउद्देश्यीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है,जिनका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थल पर ही समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। नौगांव में आयोजित यह बहुउद्देश्यीय शिविर न केवल योजनाओं की जमीनी समीक्षा का माध्यम बना बल्कि शासन,प्रशासन और ग्रामीण जनता के बीच मजबूत संवाद,विश्वास और सहभागिता का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता नजर आया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नेहा नेगी,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी,नोडल अधिकारी एवं संभागीय परिवहन अधिकारी विमल पाण्डे,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,डीपीआरओ जितेंद्र कुमार,ग्राम प्रधान नौगांव ओमपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में कुल 83 शिकायतें प्राप्त हुई,जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर किया गया। शिविर में 74 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया तथा कुल 395 लोग उपस्थित रहे।