पंचतत्व बैंड ने मचाया संगीतमय धमाल, बैकुंठ चतुर्दशी मेले की चौथी संध्या में झूम उठा श्रीक्षेत्र

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर में चल रहे ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले की चौथी संध्या लोक-संस्कृति,संगीत और उत्साह से सराबोर रही। आवास विकास मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तरकाशी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर में चल रहे ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले की चौथी संध्या लोक-संस्कृति,संगीत और उत्साह से सराबोर रही। आवास विकास मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पंचतत्व बैंड ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा मैदान तालियों और जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति और परंपराओं के द्योतक हैं। ऐसे आयोजन समाज में एकता,भाईचारे और लोक-संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त करते हैं। उन्होंने श्रीनगर नगर निगम द्वारा मेले के सफल संचालन और सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला अब केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रहा,बल्कि यह क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने का माध्यम बन गया है। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई,जिसके बाद बैंड के प्रमुख कलाकार अनुराग नोटियाल,अरविंद चौहान और विकास पंचोला ने एक से बढ़कर एक गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी। गीत ताछुमा ताछुमा छुमा डिग तालो,ज्ञानसू लग्यूं घुनडुं बांधियों रांसु नरु-बिजोला,सिल्की बांद,सीमा पानी सी,और तेरी माया मां जैसे लोकप्रिय गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। वाद्य यंत्रों पर रोहित और सोमेश कीबोर्ड,शंकर तबला,अरुण ढोलक तथा ऋषभ,सतेंद्र,इशान और कन्हैया ने शानदार जुगलबंदी पेश कर माहौल को संगीतमय बना दिया। बैंड के प्रबंधक तरुण बिजल्वाण ने बताया कि पंचतत्व बैंड का उद्देश्य उत्तराखंड की लोकधुनों को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में मेयर आरती भण्डारी ने कहा कि पंचतत्व बैंड ने गढ़वाली लोकसंगीत की आत्मा को मंच पर सजीव कर दिया। उन्होंने श्रीनगर पहुंचने पर पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां ही इस मेले की सबसे बड़ी पहचान हैं। मेयर ने आगे कहा कि नगर निगम भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को और भव्य रूप देने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा,ताकि श्रीनगर की पहचान प्रदेश ही नहीं,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा कीर्तिनगर मंडल अध्यक्ष कुलदीप रावत,भानु प्रताप सिंह रावत,आशीष माहेश्वरी,बलबीर कंडारी,दिनेश असवाल,नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पार्षदगण एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,छात्र-छात्राएं और पर्यटक शामिल हुए,जिन्होंने लोकगीतों की मधुर लहरियों पर थिरकते हुए उत्तराखंड की लोक-संस्कृति की गरिमा को नमन किया। बैकुंठ चतुर्दशी मेले की यह संध्या इस बात का प्रमाण बनी कि जब लोकधुनें आधुनिकता से मिलती हैं,तो संस्कृति और संगीत दोनों नई ऊर्जा के साथ पुनः जीवंत हो उठते हैं।

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