पुरानी पेंशन बहाली की हुंकार से गूंजेगा देहरादून,2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे कर्मचारी-मेहंदी से ओपीएस लिख मातृशक्ति ने भरी आंदोलन की हुंकार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में बुधवार 28 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में बुधवार 28 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर से देवप्रयाग में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 2 नवंबर 2026 को देहरादून के परेड मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को अपने भविष्य,सामाजिक सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए आंदोलन को मजबूती देने का संकल्प लिया। बैठक में मंडलीय मंत्री राजीव उनियाल ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है,बल्कि यह कर्मचारियों के बुढ़ापे के सहारे,आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे 2 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में अपने साथियों के साथ देहरादून के परेड मैदान में पहुंचें और मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सरकार तथा समाज की सेवा करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा की चिंता स्वाभाविक है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से उठाने के लिए सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्मचारियों की एकजुटता और निरंतर प्रयास इस आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से मातृशक्ति ने अपने हाथों पर मेहंदी से ओपीएस लिखकर पुरानी पेंशन बहाली के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। महिलाओं की इस अनूठी पहल ने यह संदेश दिया कि पुरानी पेंशन का मुद्दा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है,बल्कि इससे उनके परिवारों,भविष्य की सुरक्षा और सामाजिक सम्मान की भावना भी जुड़ी हुई है। इस अवसर पर मातृशक्ति की प्रतिनिधि सुषमा रौथाण ने सभी महिलाओं से 2 नवंबर को देहरादून पहुंचकर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को प्रभावी बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। मातृशक्ति की एकजुटता आंदोलन को मजबूती प्रदान करेगी और कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य की आवाज को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद करेगी। बैठक में उपस्थित सभी साथियों ने अपने-अपने विचार रखे और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा,सम्मान और भविष्य की स्थिरता से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती,तब तक आंदोलन को जारी रखने के लिए कर्मचारी एकजुट रहेंगे। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि किसी भी बड़े आंदोलन की सफलता के लिए आपसी एकता,सामूहिक सहभागिता और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। इसी भावना के साथ 2 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में अधिकाधिक कर्मचारियों और उनके समर्थकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। 2 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील
देवप्रयाग में आयोजित इस बैठक के माध्यम से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंडलीय मंत्री राजीव उनियाल और मातृशक्ति की प्रतिनिधि सुषमा रौथाण ने सभी साथियों से अपील की कि वे 2 नवंबर को देहरादून के परेड मैदान में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने में अपना योगदान दें। बैठक में नीतू कोहली,रंजना जुगराण,आदित्य पवार,बुद्धि सिंह,चित्रेश कुमार,कुशलानंद,अंशु बडोनी,देशराज वर्मा,नित्यानंद डोभाल,अनिल कुमार,विनय शर्मा सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर देवप्रयाग में हुई यह बैठक कर्मचारियों की एकजुटता,मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी और सुरक्षित भविष्य के लिए जारी संघर्ष का संदेश दे गई। अब सभी की निगाहें 2 नवंबर को देहरादून में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम पर टिकी हैं।

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