पुरानी पेंशन बहाली के लिए निर्णायक संघर्ष का ऐलान-राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा करेगा आगामी विधानसभा सत्र का घेराव

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड ने आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने का ऐलान कर दिया है। मोर्चा की

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श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड ने आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने का ऐलान कर दिया है। मोर्चा की प्रांतीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग स्थित प्रेरणा सदन में आयोजित की गई,जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली पर ठोस निर्णय नहीं लिया,तो आगामी विधानसभा सत्र का घेराव कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। बैठक में जनपद टिहरी से नोप्रूफ के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी भी रही। बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक और नैतिक अधिकार है,जिसे किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि दिनांक 24 दिसंबर 2025 की संस्तुति के आधार पर उत्तराखंड शासन द्वारा 16 जनवरी 2026 को जारी आदेश,जिसमें वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन से वंचित किया गया है,अत्यंत दुखद,अन्यायपूर्ण और कर्मचारी विरोधी है। इस आदेश का प्रदेशव्यापी स्तर पर विरोध किया जाएगा। मोर्चा के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है,जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारी हित में शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई,तो विधानसभा घेराव के साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रांतीय महामंत्री सीताराम पोखरियाल ने कहा कि देश के कई राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है,ऐसे में उत्तराखंड सरकार को भी कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्ष 2026 में भी कर्मचारियों की उपेक्षा की गई,तो सरकार को कर्मचारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। प्रांतीय संयुक्त सचिव अभिषेक नवानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विधानसभा सत्र में पुरानी पेंशन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा तथा पुरानी पेंशन बहाली को जनांदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ के गढ़वाल मंडल महामंत्री संजय भास्कर ने कहा कि कर्मचारी वर्षों तक निष्ठा और ईमानदारी से सेवा करता है,ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उसकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। मोर्चा के प्रांतीय आईटी सेल प्रमुख अवधेश सेमवाल ने कहा कि संयुक्त मोर्चा वर्ष 2026 में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लगातार जनजागरूकता और आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की एकमात्र मांग केवल और केवल पुरानी पेंशन बहाली है। यह लड़ाई किसी दल के खिलाफ नहीं,हक और सम्मान की शंकर भट्ट प्रांतीय प्रवक्ता शंकर भट्ट ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं,बल्कि कर्मचारियों के हक,सम्मान और सुरक्षित भविष्य की लड़ाई है। जिलाध्यक्ष टिहरी राजीव उनियाल ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती,तब तक संयुक्त मोर्चा निर्णायक संघर्ष करता रहेगा। बैठक में ये रहे उपस्थित बैठक में प्रांतीय समन्वयक लक्ष्मण सजवाण,जिलाध्यक्ष देहरादून मक्खन लाल शाह,ब्लॉक नरेंद्रनगर अध्यक्ष प्रवीण सिंह पंवार,डॉ.एम.पी.विश्वकर्मा,जितेंद्र प्रसाद,केदार फर्स्वाण सहित अनेक कर्मचारी नेता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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