
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आस्था और विश्वास को हथियार बनाकर बुजुर्गों को छलने वाले एक अंतरजनपदीय ठग को पौड़ी पुलिस ने कम समय में बारीकी से की गई तकनीकी जांच के आधार पर मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) से धर दबोचा। फोन पर स्वयं को बाबा बताकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला यह आरोपी लंबे समय से बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बना रहा था। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक और बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। 19 सितंबर 2025 को सतपुली निवासी वादी राकेश चन्द्र बलोदी द्वारा थाना सतपुली में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई,जिसमें कहा गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी माता से फोन पर बातचीत कर पूजा-पाठ कराने का लालच देकर कुल 5,58,000/- रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला गंभीर था,अतः पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और जांच प्रारंभ हुई। घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने साइबर और आर्थिक अपराधों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चन्द्र मोहन सिंह,क्षेत्राधिकारी पौड़ी तुषार बोरा के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष सतपुली जगमोहन रमोला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस,बैंकिंग लेनदेन की कड़ियों,कॉल डिटेल रिकॉर्ड,इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण और लगातार सुरागसी-पतारसी के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने के लिए गहन जांच की। कई दिन तक चले तकनीकी ट्रैकिंग और सर्विलांस के बाद पुलिस ने आरोपी की सही लोकेशन ट्रेस की,जो मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में पाई गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोसीन मलिक को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि वह फोन कॉल पर स्वयं को धार्मिक अनुष्ठान कराने वाला बाबा बताकर बुजुर्गों को मानसिक रूप से प्रभावित करता था और धीरे-धीरे बड़ी रकम ठग लेता था। गिरफ्तार आरोपी को आज न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा किन क्षेत्रों में उसने इसी तरीके से ठगी की है। पौड़ी पुलिस ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा है कि पूजा-पाठ,लॉटरी,बैंक वेरिफिकेशन,इनाम या किसी भी प्रकार के प्रलोभन देने वाली फोन कॉल या मैसेज से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।