
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में जनसमस्याओं,कथित भ्रष्टाचार,बेरोजगारी और आम जनता के अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल,विधायक विक्रम सिंह नेगी एवं लखपत बुटोला के नेतृत्व में शुरू हुई उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत बद्रीनाथ धाम,जोशीमठ,पीपलकोटी और चमोली में पदयात्राओं का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बद्रीनाथ धाम से यात्रा का शुभारंभ करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा स्वयं को सनातन धर्म और धार्मिक आस्थाओं का सबसे बड़ा हितैषी बताती है,लेकिन यदि विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं,तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे से जुड़ी चोरी के आरोप और अनियमितताओं की आशंकाएं करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा विश्वास से जुड़ी हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान के चरणों में अपनी मेहनत की कमाई श्रद्धापूर्वक अर्पित करते हैं। ऐसे में उस धनराशि और बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना मंदिर प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। गोदियाल ने कहा कि भगवान बद्रीविशाल के दरबार में अर्पित धन किसी सरकार,संस्था अथवा व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं,बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था की अमानत है। इस अमानत के संरक्षण और प्रबंधन में पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता,लापरवाही या मिलीभगत हुई है,तो उसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता जनता के सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करना आवश्यक है,ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क,पेयजल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद बेहतर सुविधाओं और खुशहाल जीवन की उम्मीद रखने वाले पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को आज भी अनेक बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों और अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को उपचार के लिए दूरदराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक,शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। गोदियाल ने जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। खेती-किसानी और दैनिक जीवन से जुड़े लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान,प्रभावित परिवारों को उचित राहत और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान यहां के जल,जंगल,जमीन,प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत से है। राज्य के संसाधनों पर स्थानीय लोगों का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक संसाधनों और भूमि से जुड़े मामलों में बाहरी प्रभावशाली लोगों तथा भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर जनता के बीच चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के मूल निवासियों के अधिकारों,किसानों के हितों,युवाओं के रोजगार और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पर्वतीय राज्य में विकास की योजनाएं स्थानीय परिस्थितियों,पर्यावरणीय संतुलन और जनहित को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों और प्रदेश की प्राकृतिक विरासत की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उत्तराखंड न्याय यात्रा को जनसमस्याओं से जोड़ते हुए गोदियाल ने कहा कि यह केवल कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि प्रदेश के पीड़ित,उपेक्षित और अपने अधिकारों से वंचित लोगों की आवाज बुलंद करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से कांग्रेस गांव-गांव,शहर-शहर और घर-घर पहुंचकर जनता की समस्याओं को सामने लाएगी तथा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगी। उन्होंने बेरोजगार युवाओं,महिलाओं,किसानों,मजदूरों,व्यापारियों,कर्मचारियों,पूर्व सैनिकों और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। उनके अनुसार,बेरोजगारी,महंगाई,महिला उत्पीड़न,कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। गोदियाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए,महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए और किसानों तथा मजदूरों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। उत्तराखंड न्याय यात्रा के तहत बदरीनाथ धाम,जोशीमठ,पीपलकोटी और चमोली में आयोजित पदयात्राओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं,पार्टी पदाधिकारियों,कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी,महिला विरोधी,युवा विरोधी,छात्र विरोधी,किसान विरोधी,मजदूर विरोधी और बेरोजगार विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। पदयात्राओं के माध्यम से पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रदेश की जनता से जुड़े सवालों को लेकर वह सड़क से लेकर राजनीतिक मंचों तक अपनी आवाज उठाती रहेगी। बदरीनाथ धाम से शुरू हुई उत्तराखंड न्याय यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने धार्मिक आस्था,पारदर्शिता,रोजगार,शिक्षा,स्वास्थ्य,महिला सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति सामने रखी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यात्रा के दौरान उठाए गए सवालों और मांगों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है तथा यह अभियान प्रदेश की राजनीति में कितना व्यापक जनसमर्थन जुटा पाता है।