
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छ भारत के संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन ने एनएच-7 बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अनुकरणीय स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन कर समाज को स्पष्ट संदेश दिया कि स्वच्छता केवल नारा नहीं,बल्कि नागरिक दायित्व और जीवनशैली है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता पैदा करना,लोगों को अपने परिवेश के प्रति जिम्मेदार बनाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज की अवधारणा को सशक्त करना रहा। बद्रीनाथ जैसे पवित्र धाम को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर चला यह अभियान,प्रतीकात्मक ही नहीं बल्कि व्यवहारिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में सामने आया। अभियान का मार्गदर्शन नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन व वीर चद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज यूनिट के संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ.आशुतोष सायना ने किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वास्थ्य की पहली शर्त है। चिकित्सक होने के नाते हमारा दायित्व केवल रोगों का उपचार नहीं,बल्कि समाज को रोगों से बचाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाना है। कार्यक्रम का कुशल समन्वय डॉ.सुरेन्द्र सिंह एवं डॉ.कैलाश गैरोला के नेतृत्व में किया गया। उनकी सुव्यवस्थित योजना और समर्पित संचालन के चलते अभियान न केवल प्रभावी रहा,बल्कि राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। इस स्वच्छता अभियान में नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन के युवा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ भागीदारी निभाई। जतिन फुलेरा,ओम नौटियाल,प्रत्यक्ष प्रताप सिंह,उत्कर्ष थपलियाल,ऋषभ भिलंगवाल,अंकित भट्ट,हार्दिक पंत,आदित्य पचौरी एवं सौरभ सहित अन्य सदस्यों ने सड़क किनारे फैले कचरे को हटाकर यह सिद्ध किया कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है। अभियान के दौरान नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन की ओर से आमजन को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वच्छता किसी एक दिन या एक अभियान तक सीमित नहीं होनी चाहिए,बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की आदतों और संस्कारों का हिस्सा बने। जब तक प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को नहीं समझेगा,तब तक स्वच्छ और स्वस्थ भारत का सपना अधूरा रहेगा। नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन ने यह भी दोहराया कि संगठन भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करता रहेगा,जिससे स्वास्थ्य,स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित किया जा सके। यह अभियान न केवल सफाई का प्रयास था,बल्कि समाज को दिशा देने वाला एक सशक्त संदेश भी,जिसमें सेवा,संकल्प और संस्कार तीनों एक साथ दिखाई दिए।