
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ खिर्सू में ऐसा प्रेरणादायी आयोजन हुआ,जिसने समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया। बाल विकास परियोजना कार्यालय खिर्सू में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम 2025-26 न केवल उत्सव का रूप ले गया,बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का सशक्त संदेश भी बनकर उभरा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम सभा ग्वाड़ (खिर्सू) की ग्राम प्रधान मंजू देवी उपस्थित रहीं। उनके हाथों तीन नवजात बालिकाओं का विधिवत कन्या जन्मोत्सव मनाया गया,जहां बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए समाज में समानता और सम्मान का संदेश दिया गया। इस अवसर पर घर की पहचान बेटी के नाम योजना के तहत चार बालिकाओं को नाम पट्टिकाएं वितरित की गईं। यह पहल न केवल बेटियों को परिवार की पहचान देने का प्रयास है,बल्कि उनके अस्तित्व और सम्मान को सामाजिक स्तर पर मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं,पोषण,स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई,जिससे महिलाओं और अभिभावकों में जागरूकता का स्तर बढ़ा। प्रभारी बाल विकास परियोजना खिर्सू रीना बिंदोला ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ देना नहीं,बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और बेटियों को शिक्षा व सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दें। कार्यक्रम में सुपरवाइजर उर्मिला बधानी,रीता रावत,आंगनबाड़ी कार्यकत्री बीना,सुमंगला,नीलम,लक्ष्मी देवी तथा आंगनबाड़ी सहायिका बिमला,विनीता,सुनीता ने सक्रिय भूमिका निभाई। लाभार्थियों में श्यामा देवी,सर्वेश्वरी देवी सहित अन्य महिलाएं भी उपस्थित रहीं,जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहभागिता निभाई। कन्या जन्मोत्सव के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि समाज की शक्ति हैं-और जब समाज उन्हें सम्मान देता है,तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।