
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। आस्था,संस्कृति और जनभागीदारी के संगम बने ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेले में इस वर्ष एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया,जिसमें नगर निगम श्रीनगर ने भागीरथी कला संगम समिति को शहर में स्वच्छता कार्यों में किए जा रहे अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम की मेयर आरती भंडारी और मेला संचालन समिति के पदाधिकारियों ने समिति के सदस्यों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल ने कहा कि भागीरथी कला संगम समिति कई वर्षों से श्रीनगर नगर क्षेत्र में नदी तटों,मंदिर परिसरों,सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाती आ रही है। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है ताकि हर नागरिक स्वयं भी स्वच्छ रहे और अपने परिवेश को भी स्वच्छ रखे। बड़थ्वाल ने कहा स्वच्छ शहर केवल नगर निगम के प्रयासों से नहीं बनते,बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सहयोग से ही संभव है। हमारा प्रयास है कि लोग कूड़ा कूड़ेदान में डालें,पॉलिथीन का उपयोग न करें और अपने मोहल्लों को साफ-सुथरा रखें। नगर निगम क्षेत्र का दायरा बड़ा है और सीमित संसाधनों के बावजूद सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं,बल्कि जनसंवेदना,सहयोग और सहभागिता का उत्सव है। उन्होंने मेला संचालन समिति,नगर निगम कर्मचारियों,स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही मेला सफल और स्वच्छ बन पाया है। कार्यक्रम में प्रमोद नौडियाल, कन्हैयालाल नौटियाल,भगत सिंह बिष्ट,मदन गडोई,परविंदर रावत,दिनेश उनियाल,रवींद्र पुरी,हरेंद्र तोमर,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,किशोरी लाल सेमवाल,संजय कोठारी और धर्मेंद्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे। स्वच्छता को संस्कार और जिम्मेदारी का रूप देने वाले भागीरथी कला संगम के प्रयासों ने साबित किया कि जब समाज और संस्था साथ चलते हैं,तब हर शहर स्वच्छ श्रीनगर,सुंदर श्रीनगर बन सकता है।