
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकसित भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज श्रीनगर स्थित आदिती पैलेस में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यशाला के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट रहे। कार्यक्रम में जिला व मंडल स्तर के पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि तथा संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही,जिससे आयोजन एक प्रभावशाली राजनीतिक एवं वैचारिक मंच के रूप में उभरकर सामने आया। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ हुआ। इसके पश्चात भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने स्वागत संबोधन में मुख्य वक्ता महेंद्र भट्ट सहित दूर-दराज से आए सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत ने अपने संबोधन में जानकारी दी कि यह विकसित भारत की जिला स्तरीय कार्यशाला है,जबकि 25 जनवरी को पौड़ी में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा,जिसमें जिले के सभी पदाधिकारी,मंडल अध्यक्ष,जिला व विकासखंड स्तर के जनप्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी से 10 फरवरी तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे,ताकि विकसित भारत की अवधारणा को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। कमल किशोर रावत ने विकसित भारत की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण आत्मनिर्भरता,रोजगार सृजन और आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था प्रत्येक गरीब को सम्मान के साथ रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी संपूर्ण कैबिनेट के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा समाप्त नहीं हुई है,बल्कि इसे और अधिक सुव्यवस्थित,पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत उन्नत रोजगार की गारंटी दी गई है,जिसमें 15 दिन तक कार्य न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। साथ ही रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है,जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायित्व आएगा। महेंद्र भट्ट ने कहा कि मनरेगा के तहत अब केवल अस्थायी कार्य नहीं,बल्कि स्थायी और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण विकास,रोजगार,बुनियादी ढांचे और आजीविका को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य कृषि सत्र के दौरान कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकारों को अधिकतम 60 दिनों तक कार्य रोकने की सूचना देने का अधिकार होगा,जिससे श्रम लागत में अनावश्यक वृद्धि रुकेगी और खाद्य उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी। उन्होंने आगे बताया कि अधिनियम के अंतर्गत जल सुरक्षा,ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर,आजीविका संबंधी ढांचा और आपदा निवारण को चार प्रमुख प्राथमिकताएं दी गई हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों-बायोमेट्रिक सत्यापन,मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग,रियल-टाइम डैशबोर्ड और एआई आधारित एनालिटिक्स का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष में दो बार सोशल ऑडिट अनिवार्य किया गया है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक एवं जिला महामंत्री महिपाल नेगी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए संगठनात्मक सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला महामंत्री गणेश भट्ट द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट,जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत,जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला,जिला महामंत्री महिपाल नेगी,जिला महामंत्री गणेश भट्ट,पूर्व जिला अध्यक्ष संपत रावत,जिला उपाध्यक्ष गिरीश पैन्यूली,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमिला भंडारी,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष गणेश राठी नेगी,ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष जगमोहन नेगी,अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष नरेंद्र टम्टा,खिर्सू ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी,कार्यक्रम की सहसंयोजक पूर्णिमा नेगी,अशोक डुकलान,मधु खुगशाल,जिला मंत्री डॉ.रजनी रावत,रमेश मंद्रवाल,संजय गुप्ता,दिनेश पटवाल,शुभम प्रभाकर सहित अनेक जिला पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।