मलेथा से उठी दोहरी आवाज-रेलवे फ्रीज जोन का जोरदार विरोध,देवप्रयाग जिला बनाने को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। ऐतिहासिक वीर माधो सिंह भंडारी के मलेथा गांव में रविवार को आंदोलन और जनभावनाओं का केंद्र बन गया। एक ओर जहां रेलवे प्राधिकरण द्वारा परियोजना सीमा से 400

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गबर सिंह भण्डारी

देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। ऐतिहासिक वीर माधो सिंह भंडारी के मलेथा गांव में रविवार को आंदोलन और जनभावनाओं का केंद्र बन गया। एक ओर जहां रेलवे प्राधिकरण द्वारा परियोजना सीमा से 400 मीटर क्षेत्र को फ्रीज जोन घोषित करने और सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के आदेश का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया,वहीं दूसरी ओर देवप्रयाग को जिला बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा की बैठक में पहुंचे संस्थापक गणेश भट्ट ने ग्रामीणों से देवप्रयाग को जिला बनाने के आंदोलन में साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग देवभूमि का पहला प्रयाग है,जहां भागीरथी और अलकनंदा का संगम होकर गंगा का नामकरण होता है। यह भगवान राम की तपोस्थली है,अर्धकुंभ क्षेत्र है और सांस्कृतिक व पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। भट्ट ने कहा कि टिहरी जिला मुख्यालय देवप्रयाग विधानसभा से काफी दूर है। आम जनता को पेंशन,विकलांग प्रमाणपत्र,भुलेख-बंदोबस्त,आरटीओ कार्यों और जिला स्तरीय कार्यालयों तक पहुंचने में भारी दिक्कतें आती हैं। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप सरकार को तत्काल देवप्रयाग को जिला घोषित करना चाहिए। रेलवे के फ्रीज जोन पर भड़के ग्रामीण-बैठक में ग्रामीणों ने रेलवे प्राधिकरण द्वारा भेजे गए नोटिसों और 400 मीटर दायरे में सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्णय को मनमाना और जनविरोधी कदम बताया। ग्रामीणों का कहना था कि मलेथा रेलवे सुरंग में हुए विस्फोटों के कारण पहले से ही दर्जनों मकानों में दरारें आई हैं, कई भवन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं,लेकिन मुआवजा राशि आज भी अपर्याप्त है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि फ्रीज जोन का आदेश वापस नहीं लिया गया,तो बुधवार को ग्रामीण एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो देवप्रयाग विधायक कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा। बैठक में ग्राम प्रधान रश्मि रावत,सतेंद्र भट्ट,देव सिंह नेगी,विजय रावत,रविन्द्र बिष्ट,अचल नेगी,बीना नेगी,संजय कुमार,जयवीर राणा,बलवीर राणा,कल्पना बलूनी,यशोदा देवी,नीलम,सुधा देवी,दिनेश भट्ट,कुलदीप राणा,अंकित राणा सहित अनेक ग्रामीणों ने विचार रखे और आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि जनता अब दो मोर्चों पर संघर्ष के लिए तैयार है-देवप्रयाग को जिला बनाने की पुरानी मांग को साकार करने के लिए। रेलवे प्राधिकरण की मनमानी और फ्रीज जोन के विरोध में। देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के मीडिया प्रभारी आदित्य नेगी ने बताया कि यह आंदोलन अब गांव-गांव तक ले जाया जाएगा और जब तक जनता की मांगें पूरी नहीं होतीं,तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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